Edited By Pardeep,Updated: 28 Aug, 2026 10:40 PM

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के प्रकोप से हाहाकार मचा हुआ है और मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। नेपाली सेना और स्थानीय पुलिस युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई है। इस बीच, नेपाली सेना ने रसुवा जिले में स्थित अपर त्रिशूली-1...
रसुवा: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के प्रकोप से हाहाकार मचा हुआ है और मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। नेपाली सेना और स्थानीय पुलिस युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई है। इस बीच, नेपाली सेना ने रसुवा जिले में स्थित अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोप्रोजेक्ट की सुरंग से जुड़ा एक रोंगटे खड़े कर देने वाला रेस्क्यू वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि मलबे और कीचड़ के दलदल में फंसे लोग अपनी जान बचाने के लिए रेंगते हुए बाहर निकल रहे हैं, जिन्हें बचाव दल के बहादुर जवान एक-एक कर सुरक्षित बाहर खींच रहे हैं।
रास्ते ढूंढना बना बड़ी चुनौती
इस बेहद मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बस्नेत ने बताया कि पूरी जगह कीचड़ और मलबे से पट चुकी है। इस वजह से सुरंग के प्रवेश (एंट्री) और निकास (एग्जिट) द्वारों को खोजना बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा, "हर तरफ सिर्फ कीचड़ ही कीचड़ भरा हुआ है, जिससे रास्ते तलाशना हमारे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। इसके बावजूद, हमारी पहली प्राथमिकता अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द और सुरक्षित बाहर निकालना है"। पहाड़ी और अत्यंत दुर्गम इलाका होने के कारण प्रशासन को प्रभावित लोगों की सही लोकेशन का पता लगाने और राहत सामग्री पहुंचाने में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
2015 के भूकंप के बाद दूसरी सबसे बड़ी त्रासदी
इस तबाही को साल 2015 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद नेपाल की दूसरी सबसे बड़ी त्रासदी बताया जा रहा है। कोरस इंटरनेशनल की मानवीय मामलों की प्रमुख अधिकारी तमारा डेमुरिया ने इस भीषण संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह तबाही किसी भी मुमकिन अनुमान से कहीं ज्यादा बड़ी है और कई परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह वह समय है जब भारत और अमेरिका समेत पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर मदद के लिए आगे आना चाहिए।
35 किलोमीटर का इलाका बहा, फिर से बाढ़ की चेतावनी
स्थानीय लोगों के अनुसार, सब कुछ पलक झपकते ही तबाह हो गया और बह गया। मलबे से निकाले गए कई शवों की पहचान होना अभी बाकी है। बाढ़ की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र की मुख्य सड़क सहित 30 से 35 किलोमीटर का पूरा इलाका पूरी तरह बह चुका है।
इस तबाही के बीच नेपाल पर एक और बड़ा खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने देश में फिर से नई बाढ़ की आशंका को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। जानकारी के अनुसार, तिब्बत सीमा के नजदीक ग्यिरोंग बॉर्डर पोर्ट के ऊपर स्थित एक बैरियर लेक (प्राकृतिक झील) का किनारा टूट गया है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में फिर से बाढ़ आने का खतरा बेहद बढ़ गया है।