September Prediction: सितंबर में 4 बड़े ग्रहों का महा-परिवर्तन, सभी 12 लग्नों पर पड़ेगा इसका बड़ा प्रभाव!

Edited By Updated: 29 Aug, 2026 11:19 AM

september planetary transits

September planetary transits: सितंबर में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र का बड़ा राशि परिवर्तन होने जा रहा है। जानिए कैसे यह गोचर सभी 12 लग्नों के जातकों के करियर, आर्थिक स्थिति, रिश्तों और स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा और गुरु-मंगल का नीच भंग राजयोग आपके...

September horoscope: सितंबर महीने में सूर्य के साथ-साथ मंगल, बुध और शुक्र भी राशि परिवर्तन करेंगे। बुध तो महीने में दो बार राशि बदल रहे हैं। 2 सितंबर को शुक्र अपनी राशि तुला में गोचर करेंगे जबकि 7 सितंबर को बुध अपनी राशि कन्या में,17 सितंबर को सूर्य कन्या राशि में, 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में और 26 सितंबर को बुध तुला राशि में गोचर करेंगे। ग्रहों की इस स्थिति के कारण यह महीना हर चुनौती को समाप्त नहीं कर सकता लेकिन यह हमें परिस्थितियों को समझने, समझदारी से संवाद करने और समाधान खोजने के लिए बेहतर ग्रहों का सहयोग देगा। महीने के अंतिम सप्ताह में बुध-शुक्र विशेष रूप से मेल-मिलाप, बातचीत, रिश्तों और नए अवसरों के लिए अनुकूल ऊर्जा लेकर आएंगे। ग्रहों की इस चाल का सभी लग्नों के जातकों पर प्रभाव इस प्रकार रहेगा-

मेष
मेष लग्न के जातकों के लिए 2 सितंबर को शुक्र के तुला राशि में प्रवेश से सप्तम भाव को एक्टिव करेंगे। जिससे रिश्तों, साझेदारी, बातचीत और सार्वजनिक व्यवहार पर अधिक ध्यान रहेगा। 7 सितंबर को बुध के कन्या राशि में प्रवेश से समस्याओं के समाधान, प्रतिस्पर्धा और लंबित मामलों को तार्किक तरीके से संभालने में सहायता मिलेगी। 17 सितंबर को सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश से स्वास्थ्य और कार्यस्थल से जुड़े मामलों पर ध्यान और बढ़ेगा। 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में चौथे भाव में प्रवेश करेंगे और गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे घर, संपत्ति, परिवार और भावनात्मक सुरक्षा पर ध्यान रहेगा।

वृषभ
वृषभ लग्न के जातकों के लिए लग्न के स्वामी शुक्र 2 सितंबर को तुला राशि में प्रवेश करके छठे भाव को एक्टिव करेंगे, जिससे कार्यस्थल की समस्याओं, प्रतिस्पर्धा, कर्ज और कर्ज से जुड़े मामलों के समाधान में सहयोग मिलेगा। 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में प्रवेश करके पंचम भाव को एक्टिव करेंगे और बुद्धिमत्ता, रचनात्मकता, शिक्षा, योजना और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करेंगे।18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करके तीसरे भाव में गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे साहस, पहल, संवाद, यात्रा और प्रयास प्रमुख रहेंगे। इस दौरान गुरु मंगल के नीच भंग योग से भावनात्मक या आवेगपूर्ण ऊर्जा को उत्पादक कार्यों में बदला जा सकता है।

मिथुन
मिथुन लग्न के जातकों के लिए 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करके पंचम भाव को एक्टिव करेंगे, जिससे रचनात्मकता, शिक्षा, बच्चों, प्रेम और आत्म-अभिव्यक्ति से जुड़े मामलों में सहयोग मिलेगा। 7 सितंबर को लग्न के स्वामी बुध कन्या राशि में चौथे भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे घर, संपत्ति, वाहन, शिक्षा और महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर स्पष्टता बढ़ेगी। 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में दूसरे भाव में गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे आर्थिक मामलों, परिवार और वाणी पर ध्यान रहेगा। इस दौरान गुरु-मंगल के नीच भंग योग से आर्थिक या भावनात्मक दबाव को रचनात्मक कार्यों में बदला जा सकता है।

कर्क
कर्क लग्न के जातकों के लिए 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करके चौथे भाव को एक्टिव करेंगे, जिससे घर, सुख-सुविधाओं, संपत्ति और पारिवारिक रिश्तों में सकारात्मकता बढ़ेगी। 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे संवाद, नेटवर्किंग, छोटी यात्राओं और नए प्रयासों में सहयोग मिलेगा। 17 सितंबर को सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश से संवाद और निर्णय लेने में आत्मविश्वास बढ़ेगा। 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि यानी लग्न में प्रवेश करके गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे स्वयं, स्वास्थ्य, भावनाओं और व्यक्तिगत विकास पर ध्यान रहेगा। इस दौरान गुरु-मंगल का योग ऊर्जा को रचनात्मक दिशा देने में मदद करेगा।

सिंह
सिंह लग्न के जातकों के लिए 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करके तीसरे भाव को एक्टिव करेंगे, जिससे संवाद, नेटवर्किंग, छोटी यात्राओं, रचनात्मकता और नए प्रयासों में सहयोग मिलेगा। 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे आर्थिक मामलों, बचत, परिवार, वाणी और व्यावहारिक निर्णय लेने में मजबूती आएगी। 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में बारहवें भाव में गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे खर्च, विदेशी संपर्क, यात्रा और भावनात्मक मामलों पर ध्यान रहेगा। इस दौरान गुरु-मंगल के नीच भंग राजयोग से अनावश्यक खर्च या भावनात्मक दबाव को उद्देश्यपूर्ण कार्यों में बदला जा सकता है।

कन्या
कन्या लग्न के जातकों के लिए 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करके दूसरे भाव को एक्टिव करेंगे, जिससे आर्थिक मामलों, बचत, पारिवारिक सामंजस्य और संवाद में सहयोग मिलेगा। 7 सितंबर को लग्न के स्वामी बुध अपनी राशि कन्या में प्रथम भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे आत्मविश्वास, स्पष्टता और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में ग्यारहवें भाव में गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे लाभ, नेटवर्क, मित्रों, पेशेवर संपर्कों और महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति पर ध्यान रहेगा। इस दौरान गुरु-मंगल के नीच भंग योग से नेटवर्क या पेशेवर क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों को नए अवसरों में बदला जा सकता है।

तुला
तुला लग्न के जातकों के लिए लग्न के स्वामी शुक्र 2 सितंबर को अपनी राशि तुला में प्रथम भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे व्यक्तित्व, रिश्तों, रचनात्मकता और आत्मविश्वास में मजबूती आएगी। 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में बारहवें भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे विदेशी संपर्क, यात्रा, खर्च, रिसर्च और पर्दे के पीछे किए जाने वाले कार्यों पर ध्यान रहेगा। 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में दसवें भाव में गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे करियर, अधिकार और पेशेवर कार्यों पर फोकस बढ़ेगा। इस दौरान गुरु-मंगल के नीच भंग राजयोग से पेशेवर दबाव को विकास और नए अवसरों में बदला जा सकता है।

वृश्चिक
वृश्चिक लग्न के जातकों के लिए 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करके बारहवें भाव को एक्टिव करेंगे, जिससे विदेशी संपर्क, यात्रा, खर्च और पर्दे के पीछे किए जाने वाले कार्यों पर ध्यान रहेगा। 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में ग्यारहवें भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे लाभ, नेटवर्किंग, पेशेवर संपर्कों और लंबी अवधि की महत्वाकांक्षाओं में सहयोग मिलेगा। 18 सितंबर को लग्न के स्वामी मंगल कर्क राशि में नवम भाव में गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे उच्च शिक्षा, यात्रा, मार्गदर्शक, भाग्य और महत्वपूर्ण फैसलों पर फोकस रहेगा। इस दौरान गुरु-मंगल के नीच भंग योग से नए अवसरों और प्रगति के रास्ते खुल सकते हैं।

धनु
धनु लग्न के जातकों के लिए 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करके ग्यारहवें भाव को एक्टिव करेंगे, जिससे लाभ, पेशेवर नेटवर्क, सामाजिक संपर्कों और इच्छाओं की पूर्ति में सहयोग मिलेगा। 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में दसवें भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे करियर, बिजनेस, योजना, संवाद और पेशेवर पहचान मजबूत होगी। 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में आठवें भाव में गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे संयुक्त आर्थिक मामलों, निवेश और लंबित मामलों पर ध्यान रहेगा। इस दौरान गुरु-मंगल के नीच भंग राजयोग से कठिन परिस्थितियों को बेहतर समझ और बदलाव के अवसरों में बदला जा सकता है।

मकर
मकर लग्न के जातकों के लिए 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करके दसवें भाव को एक्टिव करेंगे, जिससे करियर, पेशेवर छवि, रचनात्मकता, क्लाइंट रिलेशनशिप और कार्यस्थल पर सामंजस्य में सहयोग मिलेगा। 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में नवम भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे उच्च शिक्षा, यात्रा, मार्गदर्शन, कानूनी मामलों और लंबी अवधि की योजना में सहयोग मिलेगा। 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में सप्तम भाव में गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे रिश्तों, विवाह, बिजनेस पार्टनरशिप और सार्वजनिक व्यवहार पर फोकस रहेगा। इस दौरान गुरु-मंगल के नीच भंग राजयोग से रिश्तों और साझेदारी की चुनौतियों को सकारात्मक अवसरों में बदला जा सकता है।

कुंभ
कुंभ लग्न के जातकों के लिए 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करके नवम भाव को एक्टिव करेंगे, जिससे भाग्य, उच्च शिक्षा, यात्रा, मार्गदर्शन और नए अवसरों में सहयोग मिलेगा। 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में आठवें भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे संयुक्त आर्थिक मामलों, निवेश, रिसर्च, टैक्सेशन और लंबित मामलों पर ध्यान रहेगा। 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में छठे भाव में गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे काम, प्रतिस्पर्धा, स्वास्थ्य, कर्ज और विवादों से जुड़े मामले प्रमुख रहेंगे। इस दौरान गुरु-मंगल के नीच भंग राजयोग से कार्यस्थल के दबाव और प्रतिस्पर्धा को उत्पादक कार्य और सफलता में बदला जा सकता है।

मीन
मीन लग्न के जातकों के लिए 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करके आठवें भाव को एक्टिव करेंगे, जिससे संयुक्त आर्थिक मामलों, निवेश और गहरे भावनात्मक विषयों पर ध्यान रहेगा। 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे साझेदारी, बिजनेस, बातचीत और आपसी संवाद मजबूत होगा। 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में पंचम भाव में गुरु के साथ युति बनाएंगे, जिससे बच्चों, रचनात्मकता, शिक्षा, प्रेम और सकारात्मक मामलों पर ध्यान रहेगा। इस दौरान गुरु-मंगल के नीच भंग राजयोग से भावनात्मक ऊर्जा को रचनात्मक और उद्देश्यपूर्ण कार्यों में बदला जा सकता है।

ज्योतिषाचार्य और वास्तु एक्सपर्ट
गौरी जैन

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 

 

 

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