Edited By Tanuja,Updated: 12 Aug, 2026 11:11 AM

ईरान से ट्रंप की हत्या की विश्वसनीय धमकी मिलने के बाद अमेरिकी Secret Service ने जुलाई में एक गुप्त सुरक्षा ऑपरेशन चलाया। तुर्किये से रवाना होते समय ट्रंप को सार्वजनिक रूप से दिखाए गए विमान से निकालकर C-32A में शिफ्ट किया गया। ट्रंप ने कहा कि वह...
Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से ट्रंप की हत्या की विश्वसनीय धमकी मिलने के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने एक गुप्त ‘डिकॉय ऑपरेशन’ चलाया। ट्रंप को जिस विमान में सार्वजनिक रूप से सवार होते देखा गया, वह असल में उनका असली सफर नहीं था। कुछ ही मिनट बाद उन्हें चुपचाप दूसरे विमान में शिफ्ट कर दिया गया। घटना 8 जुलाई 2026 की है, जब ट्रंप तुर्किये के अंकारा से रवाना होने वाले थे। टीवी कैमरों के सामने ट्रंप पूर्व एयर फोर्स वन विमान में सवार हुए। लेकिन इसके कुछ ही मिनट बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बेहद गोपनीय तरीके से उन्हें उस विमान से निकाल लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप को एयरपोर्ट के एक कैटरिंग ट्रक के जरिए चुपचाप दूसरे हिस्से में ले जाया गया, जहां उनका इंतजार एक छोटे अमेरिकी सैन्य विमान C-32A कर रहा था। ट्रंप को इस विमान में बैठाकर रवाना किया गया। इस दौरान जिस विमान को लोग ट्रंप का विमान समझ रहे थे, वह अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गया। उसमें मीडिया और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारी मौजूद थे। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन की वजह ईरान से जुड़ी एक विश्वसनीय हत्या की धमकी थी। अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि इसी खतरे के बाद ट्रंप के विमान को बदलने का फैसला लिया गया।
इस ऑपरेशन का मकसद संभावित हमलावरों को भ्रमित करना था, ताकि उन्हें यह पता न चल सके कि राष्ट्रपति वास्तव में किस विमान से यात्रा कर रहे हैं।ट्रंप बोले- ‘मैं वही करता हूं जो Secret Service कहती है।’रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रंप से जब विमान बदलने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने उनसे दूसरे विमान में जाने को कहा था। ट्रंप के मुताबिक, दूसरा विमान भी उतना ही सुरक्षित था और उन्होंने अधिकारियों के कहने पर उसमें यात्रा की। खतरे के बारे में ज्यादा जानकारी पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इसके बारे में बहुत ज्यादा सवाल नहीं किए क्योंकि उन्हें धमकियां मिलती रहती हैं।
इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात यह थी कि ट्रंप के साथ यात्रा कर रहे कई पत्रकारों को भी विमान बदलने की जानकारी नहीं थी। रिपोर्ट के मुताबिक करीब एक दर्जन पत्रकार एयर फोर्स वन के अलग हिस्से में मौजूद थे और उन्हें राष्ट्रपति के विमान बदलने की जानकारी नहीं थी। वे उसी विमान से तुर्किये से रवाना हो गए, जबकि ट्रंप पहले ही दूसरे विमान में शिफ्ट हो चुके थे। इस दौरान ट्रंप ने ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें ईरान पर भरोसा नहीं है और अमेरिका के पास फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान ने कोई ऐसा कदम उठाया जिससे अमेरिका की स्थिति चुनौती में आए, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।