Edited By Tanuja,Updated: 27 Jul, 2026 11:28 AM

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह की प्रशंसा करते हुए इजरायल और अमेरिका के खिलाफ "जिहाद और प्रतिरोध" जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने हिजबुल्लाह की रक्षा को ईरान का रणनीतिक दायित्व बताया और अमेरिका के साथ किसी भी शांति समझौते के...
International Desk: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह की खुलकर सराहना करते हुए इजरायल और अमेरिका के खिलाफ "जिहाद और प्रतिरोध" जारी रखने का आह्वान किया है। यह बयान हिजबुल्लाह द्वारा ईरान के इस्लामी गणराज्य के प्रति निष्ठा जताने वाले एक पत्र के जवाब में जारी किया गया। खामेनेई के नाम से जारी बयान में कहा गया कि "अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जिहाद और प्रतिरोध के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।" उन्होंने दावा किया कि हिजबुल्लाह का संघर्ष दुनिया भर में उन लोगों के लिए प्रेरणा बना है जो "वैश्विक वर्चस्व" से मुक्ति और "ईश्वरीय विजय" की तलाश में हैं।
मोजतबा खामेनेई ने कहा कि उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की नीति के अनुरूप हिजबुल्लाह की रक्षा करना ईरान का "रणनीतिक दायित्व" है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिका के साथ किसी शांति समझौते की संभावना बनती है, तो उसकी प्रमुख शर्त यह होगी कि दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल अपने सैन्य अभियान पूरी तरह बंद करे।
मोजतबा खामेनेई ने 2024 में इजरायली हमले में मारे गए हिजबुल्लाह के पूर्व प्रमुख हसन नसरल्लाह को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें "हिजबुल्लाह के शहीदों का सरताज" बताया। उन्होंने कहा कि नसरल्लाह ने हिजबुल्लाह को एक छोटे प्रतिरोध आंदोलन से मजबूत संगठन में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान ऐसे समय आए हैं जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव बना हुआ है। हिजबुल्लाह के समर्थन और इजरायल के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की अपील से क्षेत्र में कूटनीतिक और सुरक्षा चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।