अमेरिकी हमलों से भड़का ईरान; सबसे बड़ी चेतावनी दी, कहा-अब किसी को भी नहीं मिलेगा तेल और गैस

Edited By Updated: 15 Jul, 2026 04:53 PM

iran threatens to halt all mideast energy exports

अमेरिका ने ईरान पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर सात घंटे तक हवाई हमले किए, जिनमें सात सैनिक मारे गए और 260 से अधिक लोग घायल हुए। जवाब में ईरान ने पूरे मध्य पूर्व से तेल और गैस निर्यात रोकने की धमकी दी। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव और बढ़ गया...

International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) लागू कर दी और उसके कई सैन्य ठिकानों पर सात घंटे तक हवाई हमले किए। जवाब में ईरान ने पूरे मध्य पूर्व से तेल और प्राकृतिक गैस के निर्यात को रोकने की धमकी दी है। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव से एक बार फिर पूरे पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध की आशंका गहरा गई है।

 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरानी तटीय क्षेत्रों के पास स्थित कई सैन्य ठिकानों पर सात घंटे तक लगातार हवाई हमले किए। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की समुद्री मार्गों और व्यापारिक जहाजों को खतरा पहुंचाने की क्षमता को कमजोर करना था। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है। इससे पहले अप्रैल में भी ऐसी नाकेबंदी की गई थी, जिसे जून में अंतरिम समझौते के बाद हटा लिया गया था।

 

ईरान के 7 सैनिकों की मौत, 260 से अधिक घायल
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अमेरिकी हमलों में कम से कम 7 सैनिकों की मौत हुई है, जबकि 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सरकारी मीडिया के मुताबिक, सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के बामपुर स्थित 388वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड के सैन्य बैरक पर अमेरिका ने कम से कम 13 मिसाइलें दागीं। मारे गए लोगों में नियमित सैनिकों के अलावा अनिवार्य सैन्य सेवा कर रहे जवान भी शामिल हैं। अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के अर्द्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो पूरे मध्य पूर्व से तेल और गैस का निर्यात रोक दिया जाएगा।

 

IRGC ने कहा, "या तो क्षेत्र से तेल और गैस का निर्यात सभी के लिए होगा, या फिर किसी के लिए नहीं।" यह बयान वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। बता दें कि बुधवार तड़के बहरीन और कुवैत में मिसाइल हमलों की चेतावनी जारी की गई। जॉर्डन ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली है। वहीं अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने खाड़ी क्षेत्र की ओर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे।

 

ट्रंप ने बदला फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में खाड़ी देशों के आग्रह पर यह फैसला वापस ले लिया। ट्रंप ने कहा कि क्षेत्र के कई अरब नेताओं ने शुल्क की बजाय अमेरिका में बड़े निवेश का प्रस्ताव दिया, जिसे उन्होंने बेहतर विकल्प बताया। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।  ब्रेंट क्रूड की कीमत पहले 87 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची। ट्रंप के शुल्क वापस लेने की घोषणा के बाद यह घटकर 78 डॉलर हुई। लेकिन नए हमलों के बाद बुधवार को फिर बढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बाधित रहता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर गंभीर असर पड़ सकता है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय मध्यस्थ दोनों देशों को फिर से बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए तत्काल समाधान की संभावना कम नजर आ रही है।

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!