Edited By Tanuja,Updated: 29 Mar, 2026 11:50 AM

अमेरिका और यूरोप में ‘नो किंग्स’ रैलियों के तहत हजारों लोगों ने Donald Trump की नीतियों और ईरान युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन किया। मिनेसोटा मुख्य केंद्र रहा, जबकि कई देशों में भी विरोध फैला, जिससे वैश्विक स्तर पर असंतोष साफ दिखा।,
International Desk: अमेरिका और यूरोप में शनिवार को ‘नो किंग्स’ रैलियों के तहत हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। इन प्रदर्शनों का मुख्य निशाना Donald Trump की नीतियां और Iran के खिलाफ चल रहा युद्ध रहा था। Minnesota इस आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकजुट होकर विरोध जताया। Saint Paul में कैपिटल लॉन पर हुई मुख्य रैली में मशहूर गायक Bruce Springsteen भी शामिल हुए।
ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने लोगों की हिम्मत की सराहना की और संघीय एजेंसियों की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने अपने गीत के जरिए मृतकों के प्रति शोक जताया और कहा कि यह आंदोलन पूरे देश के लिए उम्मीद की किरण है। यह विरोध केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। New York City जैसे बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक लोग सड़कों पर उतर आए।
इस आंदोलन का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखा। यूरोप, लातिन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कम से कम 12 देशों में विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व Indivisible कर रहा है, जिसने इसे “नो टायरंट्स” नाम भी दिया है। इटली की राजधानी Rome में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री Giorgia Meloni के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का भी विरोध किया।