Edited By Tanuja,Updated: 13 Jun, 2026 04:52 PM

ब्रिटेन में 18 वर्षीय युवती से दुष्कर्म के मामले में पाकिस्तानी शरणार्थी शेराज मलिक को 10 वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने माना कि आरोपी ने नशे में और असहाय स्थिति में मौजूद युवती का फायदा उठाया। सजा के बाद उस पर चार वर्षों की अतिरिक्त...
London: ब्रिटेन की एक अदालत ने 18 वर्षीय युवती से दुष्कर्म के मामले में पाकिस्तानी मूल के शरणार्थी Sheraz Malik को 10 वर्ष की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि आरोपी ने युवती की नशे की हालत और उसकी असहाय स्थिति का फायदा उठाया। सजा पूरी होने के बाद भी आरोपी चार वर्षों तक विशेष निगरानी (Extended Licence) के तहत रहेगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना 29 जून 2025 को ब्रिटेन के Sutton Lawn Park में हुई थी। उस समय 18 वर्षीय युवती अपने एक मित्र के साथ पार्क में मौजूद थी और शराब पी रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात शेराज मलिक और उसके कुछ साथियों से हुई। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ समय बाद युवती का मित्र वहां से चला गया और उसने मौजूद लोगों से युवती का ध्यान रखने को कहा था।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मित्र के जाने के बाद आरोपी युवती को पार्क के एक सुनसान हिस्से में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। रिपोर्ट के मुताबिक घटना का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि वारदात के बाद मलिक ने युवती से पूछा, "क्या तुम्हें मजा आया?"। इस वाक्य पर लोगों ने जमकर आरोपी के खिलाफ भड़ास निकाली और कहा कि ये शख्स इंसान नहीं जानवरों से भी बदतर। मुकद्दमे के दौरान आरोपी ने दावा किया कि दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से बने थे। हालांकि जनवरी में जूरी ने उसे दुष्कर्म के दो आरोपों में दोषी करार दिया। पीड़िता ने अदालत को बताया कि वह उस समय बेहद डरी हुई थी और विरोध करने से भी भय महसूस कर रही थी।
अदालत ने माना कि युवती नशे की हालत में थी, अकेली थी और अपनी सुरक्षा के लिए दूसरों पर निर्भर थी। आरोपी ने इसी स्थिति का फायदा उठाया। सजा सुनाते हुए न्यायाधीश Simon Ash KC ने कहा कि आरोपी ने जानबूझकर एक ऐसी युवती को निशाना बनाया जो कमजोर और असुरक्षित स्थिति में थी। अदालत के अनुसार, विरोध करने पर आरोपी ने पीड़िता के सिर और चेहरे पर हमला भी किया था। न्यायाधीश ने कहा कि यह अपराध बेहद गंभीर था और इसके पीड़िता के जीवन पर गहरे प्रभाव पड़े हैं।
अपने प्रभाव बयान (Victim Impact Statement) में पीड़िता ने कहा कि इस घटना ने उसकी पूरी जिंदगी बदल दी है। उसने अदालत को बताया कि वह आज भी मानसिक आघात से जूझ रही है, उसे बुरे सपने आते हैं और घटना की यादें उसका पीछा नहीं छोड़तीं। जांच में सामने आया कि शेराज मलिक का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। ब्रिटेन पहुंचने से पहले वह इटली, जर्मनी और फ्रांस में भी रह चुका था। रिपोर्ट के अनुसार, घटना के समय उसे ब्रिटेन आए एक वर्ष से भी कम समय हुआ था। अदालत ने कहा कि ऐसे गंभीर अपराधों के मामलों में पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आरोपी को लंबी जेल की सजा और अतिरिक्त निगरानी का आदेश दिया गया।