Edited By Tanuja,Updated: 30 Jun, 2026 06:54 PM

बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता ओमर करीम (Aomar Karim) 1 से 3 जुलाई तक लंदन में ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के बाहर तीन दिन का भूख हड़ताल आंदोलन करेंगे। उनका उद्देश्य पाकिस्तान के बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और बलूच नेताओं को दी गई उम्रकैद के...
London: बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता ओमर करीम Aomar Karim ने घोषणा की है कि वह 1 जुलाई से 3 जुलाई तक लंदन में ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (FCDO) के बाहर शांतिपूर्ण तीन दिन की भूख हड़ताल करेंगे। यह प्रदर्शन 10 डाउनिंग स्ट्रीट के सामने आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पाकिस्तान के Balochistan में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों, जबरन गुमशुदगी, मनमानी गिरफ्तारियों और बलूच राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना है।
इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दामहरंग बलूच और सिबघतुल्लाह शाहजी को सुनाई गई उम्रकैद की सजा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह फैसला राजनीतिक कारणों से प्रेरित है। ओमर करीम ने ब्रिटेन सरकार से मांग की है कि वह सार्वजनिक रूप से इन सजाओं की निंदा करे और पाकिस्तान से महरंग बलोच, सिबगतुल्लाह शाहजी तथा अन्य हिरासत में रखे गए बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ सभी मामलों को वापस लेने की अपील करे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से भी बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया है। करीम ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सरकारी संस्थाएं, सेना, राजनीतिक नेतृत्व और न्यायपालिका बलूच समुदाय के साथ गंभीर अन्याय कर रहे हैं।
उन्होंने लोकतांत्रिक देशों से जबरन गुमशुदगी रोकने, कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की जवाबदेही तय करने और सभी बलूच राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाने की अपील की। तीन दिवसीय भूख हड़ताल का समापन 3 जुलाई को शाम 5:30 बजे FCDO के बाहर एक रैली के साथ होगा। आयोजकों ने ब्रिटेन में रहने वाले बलूच समुदाय, सांसदों, पत्रकारों, वकीलों, छात्रों, ट्रेड यूनियनों और मानवाधिकार संगठनों से इसमें शामिल होकर समर्थन देने की अपील की है।