पाकिस्तान के चर्चित मॉल अग्निकांड में Socking मोड़, 72 लोगों की मौत को लेकर 11 वर्षीय बच्चे पर चलेगा मुकदमा

Edited By Updated: 05 Jul, 2026 06:15 PM

karachi gul plaza fire 11 year old to face trial over blaze that killed 72

पाकिस्तान के कराची स्थित गुल प्लाजा मॉल में जनवरी में लगी भीषण आग में 72 लोगों की मौत के मामले में 11 वर्षीय लड़के के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलेगा। आरोप है कि उसने माचिस से खेलते समय आग लगा दी थी। इस मामले ने जवाबदेही और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर नए...

International Desk: पाकिस्तान के कराची में इस वर्ष जनवरी में हुए भीषण गुल प्लाजा अग्निकांड में नया मोड़ आया है। 72 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने 11 वर्षीय लड़के को आरोपी बनाते हुए अदालत में चालान (चार्जशीट) पेश किया है। उसके साथ उसके पिता और प्लाजा प्रबंधन समिति के चार अन्य सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया है। सभी वयस्क आरोपी फिलहाल फरार बताए गए हैं। 17 जनवरी को कराची के व्यावसायिक क्षेत्र सद्दर स्थित एम.ए. जिन्ना रोड पर बने गुल प्लाजा में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी विकराल थी कि दमकल और राहत दलों को उस पर पूरी तरह काबू पाने में लगभग एक सप्ताह का समय लगा। इस हादसे में 72 लोगों की मौत, 8 लोग घायल हुए और 1,153 दुकानें जलकर नष्ट हो गईं।

 

जांच के अनुसार, घटना के समय लड़का अपने पिता की कृत्रिम फूलों की दुकान संभाल रहा था। आरोप है कि वह माचिस से खेल रहा था, जिससे आग लग गई और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई। जिला अभियोजक अब्दुल रज्जाक गुज्जर ने बताया कि लड़के के खिलाफ किशोर न्याय प्रणाली के तहत मुकदमा चलेगा। अदालत में उसके साथ अन्य आरोपियों पर भी सुनवाई होगी। चार्जशीट में प्लाजा प्रबंधन समिति के सदस्य तनवीर पास्ता, अमर इस्माइल, मोहम्मद रमजान और मोहम्मद अमीन को भी आरोपी बनाया गया है। जांच अधिकारी ने अदालत में 42 अभियोजन गवाहों की सूची सौंपी है। गवाहों में एक 13 वर्षीय लड़का भी शामिल है। उसने अपने बयान में कहा कि वह अपने दोस्त की दुकान पर मौजूद था और उसने देखा कि माचिस से खेलते समय अचानक आग भड़क उठी।

 

अभियोजन पक्ष ने बताया कि इस हादसे की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी बाद में अदालत में पेश की जाएगी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में आग लगने के कारणों के साथ-साथ इमारत की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर भी प्रकाश डाला जाएगा। यह मामला पाकिस्तान के सबसे भीषण व्यावसायिक अग्निकांडों में से एक माना जाता है। अब इस बात पर भी बहस तेज हो गई है कि इतनी बड़ी त्रासदी के लिए एक 11 वर्षीय बच्चे को किस हद तक कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जबकि भवन की अग्नि सुरक्षा और प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

 

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