पाक रक्षा मंत्री आसिफ के 'असली कश्मीरी नहीं' बयान पर बवाल, PoK नेता बोले-आपके प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं

Edited By Updated: 28 Jun, 2026 01:43 PM

pok pm slams pak s khawaja asif over not proper kashmiris remark

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के PoK के रावलाकोट और मीरपुर के लोगों को "असली कश्मीरी नहीं" बताने वाले बयान पर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मानवाधिकार परिषद ने सरकार से सफाई मांगी है, जबकि पीओके के नेताओं और कश्मीरी संगठनों...

International Desk: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री  ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) के एक बयान ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि रावलाकोट और मीरपुर के लोग "असली कश्मीरी नहीं हैं"। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पाकिस्तान की मानवाधिकार परिषद (HRC) ने इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि संवैधानिक और सरकारी पदों पर बैठे लोगों को पहचान और जातीय मुद्दों पर बेहद जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ बोलना चाहिए। परिषद ने पाकिस्तान सरकार से इस बयान पर आधिकारिक स्पष्टीकरण देने और भविष्य में इस तरह की विवादित टिप्पणियों से बचने की मांग की है।
 

PoK नेता ने रक्षा मंत्री पर साधा निशाना
PoK के नेता  फैसल मुमताज राठौर ( Faisal Mumtaz Rathore) ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर रक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि "जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी पहचान साबित करने के लिए ख्वाजा आसिफ या किसी अन्य नेता के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।" उन्होंने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री का बयान लोगों को जोड़ने के बजाय समाज में विभाजन पैदा करता है। राठौर ने यह भी कहा कि जनाक्रोश बढ़ने के बाद रक्षा मंत्री अब पीओके की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाकर मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ख्वाजा आसिफ से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पीओके में विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। कई रिपोर्टों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान नागरिकों के मारे जाने और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच या पुष्टि सभी मामलों में उपलब्ध नहीं है।

 

लंदन में भी प्रदर्शन
ब्रिटेन में रहने वाले कश्मीरी प्रवासियों ने इस सप्ताह Palace of Westminster (ब्रिटिश संसद) के बाहर प्रदर्शन किया और बाद में 10 Downing Street तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने पीओके में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों, खाद्य आपूर्ति में बाधा और नागरिकों की मौतों का मुद्दा उठाते हुए ब्रिटेन सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तुओं और दवाइयों की आपूर्ति प्रभावित होने से आम लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

 
रक्षा मंत्री के बयान ने पीओके के लोगों की पहचान को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। पाकिस्तान के भीतर ही इस बयान का विरोध हो रहा है। मानवाधिकार संगठनों और पीओके के नेताओं ने सरकार से जवाब और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पीओके में पहले से राजनीतिक असंतोष और मानवाधिकार संबंधी आरोप चर्चा में हैं।
  

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!