Edited By Tanuja,Updated: 29 Jun, 2026 06:41 PM

पाकिस्तान के हवाई हमलों के बाद अफगानिस्तान ने काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। तालिबान सरकार का दावा है कि हमलों में 36 नागरिकों की मौत और 160 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि कार्रवाई...
International Desk: पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों में किए गए हवाई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को काबुल स्थित पाकिस्तान दूतावास के प्रभारी (चार्ज डी'अफेयर्स) को तलब कर औपचारिक और कड़ा विरोध दर्ज कराया। अफगान विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान ने कुनार, पक्तिया और पक्तिका प्रांतों में अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करते हुए रिहायशी घरों पर बमबारी की। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया। तालिबान प्रशासन के अनुसार, रविवार देर रात हुए हवाई हमलों में कम से कम 36 नागरिकों की मौत हुई, जबकि 160 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए गए हैं।
तालिबान के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने आरोप लगाया कि पक्तिया के एक गांव में एक मकान पर बमबारी के बाद जब ग्रामीण राहत कार्य के लिए पहुंचे, तो उसी स्थान पर दोबारा हमला किया गया। इस दूसरे हमले में 28 ग्रामीणों की मौत और 158 लोग घायल हो गए। इसके अलावा पक्तिका प्रांत में एक अन्य घर पर हुए हमले में छह लोगों, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे, की मौत हो गई। कुनार प्रांत में भी एक घर को निशाना बनाया गया, हालांकि वहां किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई, लेकिन लगभग 30 पशु मारे गए। पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कार्रवाई आतंकवादी संगठनों के ठिकानों के खिलाफ की गई थी।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि कराची में पाकिस्तान रेंजर्स मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने सीमा क्षेत्र में खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया। उनके अनुसार, इस अभियान में 29 आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-अहरार के हथियारबंद आतंकियों ने कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर स्थित पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) मुख्यालय पर हमला किया था, जिसमें तीन रेंजर्स जवानों की मौत हुई थी। पाकिस्तान का कहना है कि अफगान सीमा पार मौजूद आतंकी नेटवर्क इस हमले में शामिल थे। हालांकि, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के हवाई हमलों को "कायरतापूर्ण आक्रामकता" और "निर्दोष नागरिकों के खिलाफ अपराध" करार देते हुए इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की है।