Edited By Parveen Kumar,Updated: 28 Aug, 2026 08:20 PM

सूडान के कोरडोफान क्षेत्र में ड्रोन हमलों में आठ नागरिकों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। एक मानवाधिकार संगठन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूडान में अत्याचारों का दस्तावेजीकरण करने वाले स्वतंत्र संगठन 'इमरजेंसी लॉयर्स' ने बताया कि बृहस्पतिवार...
इंटरनेशनल डेस्क : सूडान के कोरडोफान क्षेत्र में ड्रोन हमलों में आठ नागरिकों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। एक मानवाधिकार संगठन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूडान में अत्याचारों का दस्तावेजीकरण करने वाले स्वतंत्र संगठन 'इमरजेंसी लॉयर्स' ने बताया कि बृहस्पतिवार को उत्तर कोरडोफान राज्य के रेगिस्तानी शहर सौदारी में यात्रा कर रहे नागरिकों के एक समूह को ड्रोन से निशाना बनाया गया। संगठन के अनुसार जब अन्य लोग पीड़ितों की मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंचे, तभी दूसरे ड्रोन से हमला किया गया।
संगठन ने फेसबुक पर जारी एक बयान में कहा कि नागरिकों को निशाना बनाना और फिर उन्हें बचाने के दौरान दोबारा हमला करना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन और युद्ध अपराध है। उसने जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए स्वतंत्र जांच की मांग की। सूडान में अप्रैल 2023 में अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) और देश की सेना के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद पूर्ण युद्ध छिड़ गया था। संघर्ष निगरानी संगठन 'आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा' के अनुसार, इस संघर्ष में कम से कम 59,000 लोगों की मौत हो चुकी है।
सहायता संगठनों का कहना है कि यह आंकड़ा वास्तविक संख्या से कम है और मृतकों की संख्या इससे कई गुना अधिक हो सकती है। देश में जारी युद्ध की प्रमुख विशेषताओं में ड्रोन युद्ध भी शामिल हो गया है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर ड्रोन हमले कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सूडान में अब ड्रोन हमले लोगों की मौतों का प्रमुख कारण हैं और 2026 के शुरुआती चार महीनों में नागरिकों की मौतों में इन हमलों की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत रही।