Edited By Rohini Oberoi,Updated: 20 Jul, 2026 10:32 AM

मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में चल रहा तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की सेना 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने दक्षिणी जॉर्डन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अकाबा हवाई अड्डे (Aqaba Airport) पर तैनात अमेरिकी सैन्य विमानों...
Middle East War Crisis : मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में चल रहा तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की सेना 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने दक्षिणी जॉर्डन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अकाबा हवाई अड्डे (Aqaba Airport) पर तैनात अमेरिकी सैन्य विमानों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक इस भीषण मिसाइल हमले में अमेरिका के अत्याधुनिक सी-17 और पी-8 टोही विमानों को सीधा निशाना बनाया गया है। इस हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सीधे युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। इससे पहले, जॉडर्न के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने अम्मान में ईरान के राजदूत दाऊद कलंतारी को तलब किया और जॉडर्न के इलाके में हो रहे हमलों के बारे में विरोध पत्र सौंपा।
बयान में कहा गया, 'मंत्रालय ने राजदूत से कहा कि वे अपने देश को स्पष्ट संदेश पहुंचाएं कि वे किंगडम (जॉडर्न) पर हमले तुरंत बंद करें।' मंत्रालय ने कहा कि जॉडर्न की सुरक्षा और उसके नागरिकों की हिफाजत एक अति-संवेदनशील सीमा है जिसे पार नहीं किया जा सकता।
साथ ही मंत्रालय ने ईरान की ओर से दिए जा रहे अस्वीकार्य और भड़काऊ बयानों को रोकने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। मंत्रालय ने ईरानी हमलों को जॉडर्न की संप्रभुता का 'खुला उल्लंघन' और अंतरराष्ट्रीय कानून व संयुक्त राष्ट्र चाटर्र का साफ उल्लंघन बताया। उसने खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों के खिलाफ ईरान के हमलों की भी निंदा की और उनके साथ जॉडर्न की पूरी एकजुटता ज़ाहिर की।
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जॉडर्न के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि जॉडर्न पर ईरान की ओर से रोज़ाना मिसाइल हमले हो रहे हैं। अब तक, वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम किया है। मंत्रालय ने बताया कि रविवार को चार में से तीन मिसाइलों को मार गिराया गया जबकि आखिरी मिसाइल आबादी वाले इलाकों के बाहर गिरी।