Edited By Tanuja,Updated: 11 May, 2026 12:32 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के परमाणु ठिकानों और उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी इन ठिकानों के करीब पहुंचा तो अमेरिकी सेना तुरंत कार्रवाई करेगी। इसी बीच ईरान...
Washington: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार और परमाणु ठिकानों की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रहा है। स्वतंत्र पत्रकार शेरिल एटकिसन को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी स्पेस फोर्स लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति या समूह इन परमाणु ठिकानों के करीब पहुंचने की कोशिश करेगा तो अमेरिकी सेना उसे तुरंत “उड़ा देगी।” ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी तकनीक इतनी उन्नत है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान, नाम और लोकेशन तुरंत पता लगाई जा सकती है।
‘ईरान की सैन्य ताकत टूट चुकी’
ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंच चुका है। उनके मुताबिक, अगर अभी अमेरिका सैन्य कार्रवाई रोक भी दे तो भी ईरान को दोबारा मजबूत होने में करीब 20 साल लग सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना अब तक ईरान के लगभग 70 प्रतिशत रणनीतिक लक्ष्यों को नष्ट कर चुकी है। हालांकि ट्रंप ने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर अगले दो हफ्तों तक और कार्रवाई की जा सकती है।
परमाणु हथियारों पर फिर सख्त बयान
ट्रंप ने कहा कि दुनिया किसी “पागल शासन” को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकती। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को मध्य पूर्व और इजरायल के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) से अमेरिका के बाहर निकलने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अगर वह समझौता जारी रहता तो ईरान परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता था।
ईरान ने भेजा जवाब
इसी बीच ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर अपना जवाब पाकिस्तान के जरिए भेज दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत फिलहाल युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बहाल करने पर केंद्रित है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार और पश्चिम एशिया की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।