Edited By Tanuja,Updated: 11 Jun, 2026 06:32 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़ा बयान देते हुए खार्ग द्वीप समेत उसके तेल एवं गैस ढांचे पर नियंत्रण की बात कही है। ट्रंप के बयान ने पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और...
International Desk: पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर "बहुत कड़ा हमला" करेगा और भविष्य में उसके प्रमुख तेल निर्यात केंद्र Kharg Island समेत अन्य ऊर्जा अवसंरचना बिंदुओं पर नियंत्रण स्थापित कर सकता है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार प्रणाली और अधिकांश रक्षात्मक क्षमताओं को पहले ही गंभीर नुकसान पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ और अधिक सख्त सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार है। सबसे विवादास्पद हिस्सा वह था जिसमें ट्रंप ने कहा कि भविष्य में अमेरिका खार्ग द्वीप और अन्य तेल अवसंरचना बिंदुओं पर नियंत्रण लेकर ईरान के तेल और गैस बाजारों पर "पूर्ण नियंत्रण" स्थापित कर सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है खार्ग द्वीप?
- खार्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माना जाता है।
- ईरान के लगभग 90% कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप के माध्यम से होता है।
- यह फारस की खाड़ी में ईरानी तट से लगभग 24 किलोमीटर दूर स्थित है।
- यहां विशाल तेल भंडारण टैंक, पाइपलाइन नेटवर्क और सुपरटैंकर लोडिंग टर्मिनल मौजूद हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि खार्ग द्वीप की गतिविधियां बाधित होती हैं तो न केवल ईरान बल्कि वैश्विक तेल बाजार भी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
पहले भी दे चुके चेतावनी
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने खार्ग द्वीप का नाम लिया हो। मार्च 2026 में भी उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन बाधित करता है तो अमेरिका खार्ग द्वीप के तेल ढांचे को निशाना बना सकता है। बाद में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में द्वीप के कुछ सैन्य ठिकानों पर हमले भी किए गए थे, हालांकि तेल अवसंरचना को बचाए रखने का दावा किया गया था।
हॉर्मुज मिशन का भी किया दावा
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना ने एक गुप्त अभियान चलाकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से 10 करोड़ बैरल से अधिक तेल को सुरक्षित रूप से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में मदद की। उनके अनुसार इस अभियान के कारण तेल की कीमतों में और अधिक उछाल नहीं आया। सैन्य और ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि खार्ग द्वीप पर हमला करना और उस पर लंबे समय तक नियंत्रण बनाए रखना दो अलग-अलग बातें हैं। द्वीप ईरानी मुख्यभूमि के बेहद करीब है और वहां तक तेल पाइपलाइनों के माध्यम से पहुंचता है। ऐसे में किसी भी विदेशी शक्ति के लिए वहां स्थायी नियंत्रण स्थापित करना अत्यंत जटिल और जोखिमपूर्ण माना जाता है।