Edited By Tanuja,Updated: 04 Jul, 2026 05:59 PM

ब्रिटेन के कुख्यात ग्रूमिंग गैंग सरगना शबीर अहमद की 14 साल जेल में रहने के बाद अर्ली रिलीज स्कीम के तहत रिहाई ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पीड़ित परिवारों और कई नेताओं ने इसका विरोध किया है। अब उसकी पाकिस्तान डिपोर्टेशन, निगरानी और ब्रिटेन की...
International Desk:ब्रिटेन के चर्चित ग्रूमिंग गैंग मामले के दोषी शबीर अहमद की रिहाई के बाद पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया है। 73 वर्षीय शबीर अहमद को 14 साल जेल में रहने के बाद अर्ली रिलीज स्कीम के तहत रिहा किया गया है। अब वह इलेक्ट्रॉनिक जीपीएस टैग की निगरानी में एक सुरक्षित स्थान पर रह रहा है।शबीर अहमद को 2012 में कई नाबालिग लड़कियों के साथ रेप, यौन शोषण और उन्हें मानसिक रूप से अपने नियंत्रण में रखने का दोषी पाया गया था। अदालत ने उसे 22 साल की सजा सुनाई थी। जांच में सामने आया था कि उसका गिरोह कमजोर और नाबालिग लड़कियों को पहले दोस्ती, उपहार, खाना-पीना और अन्य लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। बाद में उनका यौन शोषण किया जाता था।
पीड़ितों ने अदालत में बताया था कि शबीर अहमद उन पर इतना मानसिक दबाव बना देता था कि कई लड़कियां उसे "डैडी" कहकर बुलाने लगी थीं। यह मामला ब्रिटेन के सबसे बड़े और चर्चित यौन शोषण मामलों में गिना जाता है। रिहाई के बाद शबीर अहमद पर कई सख्त शर्तें लागू की गई हैं। वह किसी भी नाबालिग से संपर्क नहीं कर सकता, जीवनभर सेक्स ऑफेंडर रजिस्टर में रहेगा और उसके हर कदम पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी रखी जाएगी।
सबसे बड़ा विवाद उसे ब्रिटेन से पाकिस्तान भेजने को लेकर है। कानूनी कारणों से उसे तुरंत डिपोर्ट नहीं किया जा सकता। रिपोर्टों के अनुसार, पुराने आव्रजन कानूनों और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के कारण मामला जटिल बना हुआ है। साथ ही, पाकिस्तान की ओर से भी उसे वापस लेने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। शबीर अहमद की रिहाई के बाद ब्रिटेन में कई राजनीतिक नेताओं और पीड़ित परिवारों ने सरकार की आलोचना की है। उनका कहना है कि इतने गंभीर अपराधी की रिहाई से पीड़ितों का भरोसा कमजोर होता है और ऐसे मामलों में कानून को और सख्त बनाने की जरूरत है।