Edited By Tanuja,Updated: 23 Apr, 2026 05:09 PM

यूक्रेन से गुजरने वाली ड्रुज्बा पाइपलाइन के जरिए स्लोवाकिया को रूसी तेल की आपूर्ति फिर शुरू हो गई है। इससे क्षेत्रीय तनाव कम होने और यूक्रेन को वित्तीय मदद का रास्ता खुलने की उम्मीद है, हालांकि पाइपलाइन विवाद पर अलग-अलग दावे अभी भी जारी हैं।
International Desk: यूरोप के ऊर्जा संकट के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ड्रुज्बा पाइपलाइन के जरिए रूस का तेल एक बार फिर यूक्रेन के रास्ते स्लोवाकिया पहुंचने लगा है। इसे यूरोपीय संघ की अहम कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है, जिससे न सिर्फ सप्लाई बहाल हुई है बल्कि क्षेत्रीय तनाव कम होने के संकेत भी मिले हैं। स्लोवाकिया की वित्त मंत्री डेनिसा साकोवा ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूक्रेन से होकर गुजर रही ड्रुज्बा पाइपलाइन के जरिए स्लोवाकिया को रूसी तेल की आपूर्ति फिर से शुरू हो गई है। इस घटनाक्रम से युद्धग्रस्त यूक्रेन के लिए बड़े वित्तीय सहायता पैकेज का रास्ता खुलने की उम्मीद है। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने इसे "अच्छी खबर" बताया। उन्होंने कहा, "यूक्रेन और यूरोपीय संघ के बीच गहरा संबंध स्थापित होने की उम्मीद है।"
उन्होंने इस मुद्दे के समाधान में शामिल यूरोपीय आयोग और हंगरी समेत सभी पक्षों का धन्यवाद किया। हंगरी और स्लोवाकिया का यूक्रेन के साथ विवाद तब से चल रहा था, जब जनवरी में पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने के बाद इस मार्ग से रूसी तेल की आपूर्ति रुक गई थी। यूक्रेन के अधिकारियों ने पाइपलाइन को हुए नुकसान के लिए रूसी ड्रोन हमलों को जिम्मेदार ठहराया। हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान (हाल ही में उन्हें एक चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है) ने यूक्रेन पर पाइपलाइन की मरम्मत में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया था जिसे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने खारिज कर दिया था। फिको ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें अब भी नहीं लगता कि पाइपलाइन को कोई नुकसान हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पाइपलाइन और तेल का इस्तेमाल "मौजूदा भू-राजनीतिक संघर्ष" में किया गया।