अमेरिका ने होर्मुज में की सख्त घेराबंदी; 20 से ज्यादा युद्धपोतों का बिछाया जाल, 55 जहाजों का बदला रास्ता

Edited By Updated: 11 Aug, 2026 11:56 AM

us deploys over 20 warships in hormuz enforces iran blockade

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 20 से ज्यादा युद्धपोत तैनात किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक 55 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया। वहीं ईरान होर्मुज खोलने के लिए अमेरिकी नाकेबंदी, प्रतिबंध और जब्त संपत्तियों से...

Washington: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब समुद्र तक पहुंच गया है। अमेरिका ने क्षेत्र में 20 से ज्यादा युद्धपोत तैनात किए हैं और ईरान पर लागू समुद्री नाकेबंदी को सख्त करने की बात सामने आई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, 55 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया है। ऐसे में दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक पर संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है। वॉशिंगटन के मुताबिक, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 20 से ज्यादा युद्धपोतों को सैन्य अभियानों के लिए तैनात किया है। इन अभियानों में ईरान के खिलाफ नाकेबंदी को लागू करना भी शामिल बताया गया है।  अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास समुद्री गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने पहले से तनावपूर्ण पश्चिम एशिया की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।

 

55 कमर्शियल जहाजों का बदला रास्ता
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, 9 अगस्त तक 55 कमर्शियल जहाजों को कथित नाकेबंदी का उल्लंघन करने के बाद अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया। इसके अलावा दो जहाजों को कथित तौर पर हमले में निष्क्रिय किया गया, जबकि दो अन्य जहाजों पर चढ़कर जांच की गई। इन घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों की चिंता और बढ़ गई है। अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती ऐसे समय हुई है, जब ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक शिपिंग व्यवस्था पर बातचीत कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, ओमान के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि किसी नए शिपिंग रूट पर सहमति बनने का मतलब यह नहीं होगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

 

ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं बड़ी शर्तें
ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को सामान्य रूप से खोलने के लिए अमेरिका को उसकी कुछ प्रमुख मांगें माननी होंगी।  ईरान की मांगों में अमेरिकी नाकेबंदी हटाना, आर्थिक प्रतिबंध समाप्त करना, जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को बहाल करना और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करना शामिल है। ईरान अमेरिका की क्षेत्रीय सैन्य मौजूदगी को लेकर भी आपत्ति जता रहा है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक अमेरिका कथित तौर पर पिछले समझौतों के उल्लंघन को ठीक नहीं करता, तब तक होर्मुज को पूरी तरह से खोलने का फैसला नहीं लिया जाएगा।

 

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