CJP ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, कहा- झारखंड में छात्रों पर ज़ुल्म करके उन्हें क्या हासिल हो रहा है?

Edited By Updated: 11 Aug, 2026 03:05 PM

cjp questioned the police action asking  what are they achieving by oppressing

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों ने सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत विधानसभा घेराव किया। राज्यभर से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचे और विधानसभा की...

रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों ने सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत विधानसभा घेराव किया। राज्यभर से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचे और विधानसभा की ओर कूच किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसे लेकर लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। 

 


छात्रों पर बर्बरता नहीं होनी चाहिए
उन्होंने कहा, "जब राजनीतिक पार्टियां विरोध-प्रदर्शन करती हैं, तो आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता? सिर्फ़ छात्रों के खिलाफ़ ही ऐसा क्यों किया जा रहा है? मैंने देवेंद्र महतो से बात की, जिन्होंने मुझे बताया कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जबकि वे पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे। देश की सभी सरकारों को सोचना चाहिए कि छात्रों पर ज़ुल्म करके उन्हें क्या हासिल हो रहा है ऐसी बर्बरता नहीं होनी चाहिए। हमने देवेंद्र महतो को अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया। झारखंड में हमारी टीम छात्रों के साथ मिलकर काम कर रही है।

प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने किया लाठी चार्ज 
बल प्रयोग के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों के घायल हो गए। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते हुए विधानसभा परिसर के बाहर तक पहुंच गए और मुख्य गेट के बाहर बैठकर आंदोलन करने लगे। देर शाम तक पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान फिर से लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्रों को चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल कुछ छात्रों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। आंदोलन के दौरान छात्रों के नेतृत्व में प्रमुख भूमिका निभा रहे देवेंद्र नाथ महतो भी विधानसभा गेट के बाहर मौजूद रहे। बाद में उन्हें भी एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शन स्थल पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। वार्ता में शामिल रहे छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह ने प्रशासन की कारर्वाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों का आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था।

निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षा की माग कर रहे छात्र 
 उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र किसी से बहस या विवाद नहीं कर रहे थे, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से जबरन लाठीचार्ज किया गया। सिंह ने कहा कि कई छात्र इस कारर्वाई में घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद जिस तरह से बल प्रयोग किया गया, उससे सरकार के रवैये पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र केवल साफ-सुथरी और निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षा तथा पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार के उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें माने जाने की बात कही गई है। कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांगों पर अभी कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की कारर्वाई के बावजूद छात्रों का आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। 

राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने का आरोप 
 सीएम ने आरोप लगाया कि  शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की। आप सभी से अपील है कि आप ऐसे किसी भी राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आएं। आप झारखंड का भविष्य हैं। आपकी आवाज़ को नजरअंदाज करना नहीं, उसे सुनना और आपकी समस्याओं का समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। मैं अपनी बात दोहराऊंगा कि आइए, संवाद और विश्वास के साथ मिलकर इस मुद्दे का समाधान करें। 
 

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