Edited By Pardeep,Updated: 30 Jul, 2026 02:28 AM

अमेरिका ने ईरान की कमाई रोकने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण करने की उसकी कोशिशों को नाकाम करने के लिए बुधवार को कई ईरानी कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं।
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका ने ईरान की कमाई रोकने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण करने की उसकी कोशिशों को नाकाम करने के लिए बुधवार को कई ईरानी कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में बताया कि अमरीकी वित्त मंत्रालय ने दो ईरानी बीमा कंपनियों-‘पर्सियन गल्फ मरीन इंश्योरेंस कंपनी'और‘होर्मुज सेफ मरीन सर्विसेज अथॉरिटी'पर पाबंदी लगाई है। उन्होंने दावा किया कि इन दोनों कंपनियों को ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गाडर् कॉर्प्स'(आईआरजीसी) का समर्थन हासिल है।
पिगॉट के मुताबिक, ये कंपनियां ऐसा तरीका अपनाती हैं जिससे वे ईरानी सरकार द्वारा ही पैदा किए गए खतरों से पैसे कमाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये संस्थाएं सुरक्षा का डर दिखाकर अंतरराष्ट्रीय जहाजों से वसूली करती हैं। इसमें जहाजों को जब्त करने की धमकी देना शामिल है। इसके बाद ये कंपनियां जहाजों को उसी खतरे से बचाने के नाम पर बीमा शुल्क वसूलती हैं, जो खतरा खुद उनके प्रशासन ने पैदा किया है। इससे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल आईआरजीसी के अभियानों और इलाके में अशांति फैलाने के लिए किया जाता है।
ये प्रतिबंध ऐसे समय में लगाए गए हैं जब ईरान होर्मुज से जहाजों की आवाजाही की नई व्यवस्था को लेकर ओमान के साथ बातचीत कर रहा है। इसमें रास्ते का शुल्क वसूलने और इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर ईरान की निगरानी बढ़ाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा, अमेरिका ने आठ ऐसी कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाया है जो ईरान के उस गुप्त समुद्री बेड़े के जहाजों को चला रही थीं, जिनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों से बचकर चीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तक कच्चा तेल और गैस पहुंचाने के लिए किया जाता था।
पिगॉट ने कहा कि इन नए कदमों से अमरीकी नौसेना को ईरानी बंदरगाहों और समुद्री तटों की नाकेबंदी को सख्ती से लागू करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह कारर्वाई अमेरिका के व्यापक प्रतिबंध अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत इस साल ईरान से जुड़े 100 से ज्यादा जहाजों पर पाबंदी लगाई जा चुकी है।