Edited By Tanuja,Updated: 18 Apr, 2026 04:19 PM

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने, बिना टोल और निजीकरण के संचालन की मांग की है। 49 देशों की बैठक में उन्होंने तनाव कम करने पर जोर दिया और चेतावनी दी कि लंबा संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार को...
International Desk: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह समुद्री रास्ता पूरी तरह खुला रहना चाहिए और इस पर किसी तरह का टोल या निजीकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह बात एक वर्चुअल समिट के बाद कही, जिसमें 49 देशों ने हिस्सा लिया। इस बैठक की मेजबानी इमैनुएल मैक्रों और कीर स्टारमर ने की थी। सभी देशों ने एक जैसी सोच रखते हुए तनाव कम करने और समुद्री आवाजाही को सुरक्षित रखने पर जोर दिया। अल्बनीज़ ने कहा कि अगर यह संघर्ष लंबा चलता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार ऑस्ट्रेलिया के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है। इस बीच ऑस्ट्रेलिया में ईंधन संकट को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल में सल्फर की सीमा को अस्थायी रूप से बढ़ा दिया है, ताकि सप्लाई बनी रहे। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि पश्चिम एशिया से तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। ऑस्ट्रेलिया अब एशिया के अन्य देशों से अतिरिक्त ईंधन की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा है, ताकि देश में कमी न हो। कुल मिलाकर, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक चिंता बन चुका है।