Edited By Radhika,Updated: 18 Apr, 2026 12:59 PM

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा 'संविधान संशोधन विधेयक' गिरने के बाद संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस विधेयक के पास न होने पर BJP और कांग्रेस के बीच जुबानी प्रहार शुरु हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकार की चुनावी...
नेशनल डेस्क: लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा 'संविधान संशोधन विधेयक' गिरने के बाद संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस विधेयक के पास न होने पर BJP और कांग्रेस के बीच जुबानी प्रहार शुरु हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकार की चुनावी चाल कहा है, जबकि बीजेपी ने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया है।

प्रियंका गांधी का तीखा हमला
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए। प्रियंका ने दावा किया कि यह असल में महिला आरक्षण का बिल नहीं था, बल्कि परिसीमन (Delimitation) का बिल था। उन्होंने कहा कि सरकार ने आरक्षण के नाम पर परिसीमन की बात को छिपाने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच इस बिल को इतनी हड़बड़ी में लाने की क्या आवश्यकता थी? उन्होंने इसे 'सत्ता पाने की छटपटाहट' करार दिया। प्रियंका ने मांग की कि सितंबर 2023 में जो महिला आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पारित हुआ था, उसे बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए।
भाजपा ने किया विरोध प्रदर्शन
इसे लेकर सत्ताधारी NDA गठबंधन और BJP ने कांग्रेस सहित पूरे INDIA ब्लॉक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। BJP भाजपा नेताओं का आरोप है कि विपक्ष ने ऐतिहासिक सुधार को रोककर अपनी महिला विरोधी मानसिकता दिखाई है।