छत्तीसगढ़ में 108 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, नकदी और सोना जब्त

Edited By Updated: 12 Mar, 2026 12:48 AM

108 naxalites surrender in chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों के समक्ष 108 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में 44 महिलाएं भी शामिल हैं। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज...

नेशनल डेस्क : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों के समक्ष 108 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में 44 महिलाएं भी शामिल हैं। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) (माओवादी) की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) से जुड़े माओवादियों ने जिला मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग स्थित पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में पुलिस व अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

पट्टिलिंगम ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी पुलिस की ''पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन'' पहल और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में डिवीजनल कमेटी के छह सदस्य हैं, जिन पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा एरिया कमेटी के 22 सदस्य भी शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि माओवादियों के एक ही ठिकाने से सर्वाधिक 3.61 करोड़ रुपये नकद और लगभग 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का एक किलोग्राम सोना बरामद किया गया है।

पट्टिलिंगम ने बताया कि इसके साथ ही एके-47, इंसास, एलएमजी और बीजीएल सहित कुल 101 घातक हथियार भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादियों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के पश्चिम बस्तर डिवीजन के डीवीसीएम राहुल तेलाम, पंडरु कोवासी और झितरु ओयाम, पूर्व बस्तर डिवीजन के डीवीसीएम रामधर उर्फ बीरु, उत्तर बस्तर डिवीजन के डीवीसीएम मल्लेष, पीएलजीए बटालियन नंबर-1 के कमांडर मुचाकी तथा आंध्र-ओडिशा बॉर्डर क्षेत्र के डीवीसीएम कोसा मंडावी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में माओवादियों का हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना इस बात का संकेत है कि माओवादी विचारधारा कमजोर पड़ रही है और संगठन के भीतर भी इसके औचित्य पर सवाल उठने लगे हैं।

इस बीच, राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने रायपुर में संवाददाताओं से कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले 108 माओवादियों में छह डिवीजनल कमेटी सदस्य, तीन कंपनी प्लाटून कमेटी कमांडर, 18 प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य (पीपीसीएम), 23 एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) और 56 पार्टी सदस्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में बीजापुर जिले के 37, दंतेवाड़ा के 30, सुकमा के 18, बस्तर के 16, नारायणपुर के चार और कांकेर के तीन माओवादी शामिल हैं। शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन करना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'एक्स' पर कहा, "" बस्तर में बंदूकें हार रही हैं और विश्वास जीत रहा है।'' उन्होंने कहा कि 3.29 करोड़ रुपये के इनामी 108 माओवादियों का आत्मसमर्पण बस्तर में शांति, सुशासन और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस के अनुसार पिछले 26 महीनों में राज्य में 2,714 माओवादी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। वहीं बस्तर संभाग में एक जनवरी 2024 से नौ मार्च 2026 के बीच 2,625 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। 

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