इंसानियत की मिसाल: कैंसर से जंग लड़ रही युवती ने फूड ऐप से मांगा 2 घंटे का साथ, डिलीवरी बॉयज ने ऐसे जीता दुनिया का दिल

Edited By Updated: 02 May, 2026 01:02 AM

a young woman battling cancer asked a food app for two hours of companionship

सोशल मीडिया पर इन दिनों चीन के फोशान शहर की एक दिल छू लेने वाली कहानी वायरल हो रही है, जहां एक 24 वर्षीय कैंसर पीड़ित युवती की छोटी सी गुजारिश ने इंसानियत की एक बड़ी मिसाल पेश की है। "लिटिल ली" नाम की यह युवती दुर्लभ ब्लड कैंसर (Rare Blood Cancer) से...

इंटरनेशनल डेस्क: सोशल मीडिया पर इन दिनों चीन के फोशान शहर की एक दिल छू लेने वाली कहानी वायरल हो रही है, जहां एक 24 वर्षीय कैंसर पीड़ित युवती की छोटी सी गुजारिश ने इंसानियत की एक बड़ी मिसाल पेश की है। "लिटिल ली" नाम की यह युवती दुर्लभ ब्लड कैंसर (Rare Blood Cancer) से जूझ रही है और अस्पताल में अकेलेपन से लड़ते हुए उसने मदद के लिए एक अनोखा रास्ता चुना।

अकेलेपन से तंग आकर फूड ऐप पर की गुजारिश
ली के पिता इलाज का भारी खर्च उठाने के लिए बाहर काम कर रहे थे और उसका भाई अपनी इंटर्नशिप में व्यस्त था, जिस कारण उसे अपनी कीमोथेरेपी की प्रक्रिया अकेले ही झेलनी पड़ रही थी। अपनी चौथी कीमोथेरेपी के बाद भारी अकेलेपन और मानसिक दबाव का सामना कर रही ली ने एक फूड डिलीवरी ऐप के जरिए एक ऑर्डर प्लेस किया। इस ऑर्डर में उसने खाने की जगह एक अनोखी मांग की, उसने अनुरोध किया कि कोई डिलीवरी राइडर बस 2 घंटे के लिए उसके पास अस्पताल के बिस्तर पर आकर बैठ जाए।

डिलीवरी राइडर्स ने पेश की मानवता की मिसाल
जब पहले डिलीवरी राइडर ने ली की इस गुजारिश को पूरा किया, तो उसने यह कहानी अपने स्थानीय राइडर ग्रुप में साझा की। इसके बाद जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया। अन्य डिलीवरी राइडर्स अपनी शिफ्ट खत्म होने के बाद ली से मिलने अस्पताल पहुंचने लगे। वे अपने साथ ली के लिए स्नैक्स, खिलौने और किताबें भी लेकर आए ताकि उसका मन लगा रहे।

दूर-दूर से मिलने पहुंचे लोग
ली की कहानी सुनकर ग्वांगझू से हुआंग नाम का एक राइडर 3 घंटे का सफर तय करके सिर्फ ली का हौसला बढ़ाने पहुंचा। हुआंग ने बताया कि उसे भी कभी ग्राहकों से सम्मान और पानी मिला था, इसलिए वह दूसरों की मदद करना चाहता था। साथ ही, वांग नाम की एक 60 वर्षीय महिला, जो खुद कैंसर से जंग जीत चुकी थीं, भी फूलों के साथ अस्पताल पहुंचीं और ली को इस बीमारी को हराने की प्रेरणा दी।

हौसले से सुधरी सेहत, अस्पताल से मिली छुट्टी
इस निस्वार्थ प्यार और साथ का ली की सेहत पर भी सकारात्मक असर पड़ा। उसकी स्थिति में सुधार के बाद 20 अप्रैल को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब वह अपने इलाज के अगले चरण का इंतजार कर रही है। ली ने भावुक होते हुए कहा, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि इतने सारे लोग मुझे प्रोत्साहित करने आएंगे, उनके इस निस्वार्थ साथ ने मेरा दिल छू लिया"।

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