Edited By Pardeep,Updated: 23 Mar, 2026 09:58 PM

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास 6, फ्लैगस्टाफ रोड के रिनोवेशन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है।
नेशनल डेस्कः दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास 6, फ्लैगस्टाफ रोड के रिनोवेशन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में खर्च और नियमों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
अनुमान से कई गुना बढ़ गया खर्च
रिपोर्ट के मुताबिक:
- शुरुआती अनुमान: 7.91 करोड़ रुपये
- अंतिम खर्च: 33.66 करोड़ रुपये
यानी कुल खर्च करीब 342% ज्यादा हो गया। इसमें से लगभग 18.88 करोड़ रुपये सिर्फ महंगे इंटीरियर, सजावट और एंटीक सामान पर खर्च किए गए।
पहले काम, बाद में मंजूरी
CAG ने पाया कि रिनोवेशन पूरा होने के 2 महीने बाद 9.34 करोड़ की मंजूरी दी गई, यानी काम पहले कराया गया और मंजूरी बाद में मिली, जो नियमों का उल्लंघन है।
स्टाफ ब्लॉक बना ही नहीं
रिपोर्ट में सामने आया स्टाफ ब्लॉक और कैंप ऑफिस के लिए 19.87 करोड़ मंजूर थे लेकिन स्टाफ ब्लॉक बनाया ही नहीं गया उसकी जगह 7 सर्वेंट क्वार्टर बना दिए गए। वहीं कैंप ऑफिस स्थायी की जगह अस्थायी बनाया गया और वह भी अधूरा रह गया।
बढ़ाया गया एरिया, बदले डिजाइन
काम के दौरान बंगले का एरिया 1397 sqm से बढ़ाकर 1905 sqm कर दिया गया, महंगे और खास डिजाइन जोड़े गए इससे लागत और बढ़ती चली गई।
एक ही ठेकेदार को मिला पूरा काम
- अतिरिक्त काम के लिए नया टेंडर नहीं निकाला गया
- एक ही ठेकेदार को करीब 25.80 करोड़ का काम दे दिया गया
- खर्च को समायोजित करने के लिए अनुमान 4 बार बदला गया
‘शीशमहल’ बना सियासी मुद्दा
बीजेपी ने इस बंगले को “शीशमहल” नाम दिया था और अब यह मामला राजनीतिक विवाद का बड़ा मुद्दा बन गया है।