Edited By Tanuja,Updated: 23 Mar, 2026 08:09 PM

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि ईरान ब्रिटेन को निशाना नहीं बना रहा है। उन्होंने तनाव कम करने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा पर जोर दिया। वहीं लंदन में विरोध प्रदर्शन हुए और ब्रिटिश सेना की तैनाती की खबरों से संकेत मिल रहे हैं कि हालात और...
London: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ( Keir Starmer) ने कहा है कि फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि Iran ब्रिटेन को लंबी दूरी की मिसाइलों से निशाना बना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार सुरक्षा आकलन कर रही है और देश सुरक्षित है। स्टारमर ने यह बयान उस समय दिया जब रिपोर्ट्स सामने आई थीं कि ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य ठिकाने पर मिसाइलें दागी हैं। इस घटनाक्रम के बाद यह आशंका जताई जा रही थी कि ब्रिटेन भी निशाने पर आ सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री ने इन आशंकाओं को खारिज किया।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता ब्रिटेन के हितों की रक्षा करना और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करना है। उन्होंने यह भी कहा कि Strait of Hormuz को दोबारा सुरक्षित रूप से खोलने के लिए ठोस योजना और सावधानी जरूरी है। इस बीच, लंदन में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिका व इजरायल के हमलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि वह इस संघर्ष में शामिल न हो और शांति की दिशा में काम करे।
दूसरी ओर, ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटेन ने अपनी सैन्य तैयारियां भी बढ़ा दी हैं। HMS Anson नाम की परमाणु पनडुब्बी अरब सागर में तैनात की गई है, जो जरूरत पड़ने पर मिसाइल हमला करने में सक्षम है। इससे संकेत मिलते हैं कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो ब्रिटेन सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है, ताकि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हो रहे हमलों को रोका जा सके। हालांकि ब्रिटेन ने यह भी दोहराया है कि वह इस संघर्ष में पूरी तरह शामिल होने से बचना चाहता है।