Edited By Rohini Oberoi,Updated: 18 Jun, 2026 03:05 PM

भारत एक ऐसा देश है जहां साल के लगभग हर महीने भरपूर और चमकदार धूप खिली रहती है लेकिन इसके बावजूद एक बेहद हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई है। देश की करीब 90 फीसदी आबादी इस समय विटामिन डी (Vitamin D) की गंभीर कमी का शिकार है।
Health Report : भारत एक ऐसा देश है जहां साल के लगभग हर महीने भरपूर और चमकदार धूप खिली रहती है लेकिन इसके बावजूद एक बेहद हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई है। देश की करीब 90 फीसदी आबादी इस समय विटामिन डी (Vitamin D) की गंभीर कमी का शिकार है। मेडिकल रिसर्च जर्नल 'ऑफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर' सहित कई स्वास्थ्य रिपोर्टों में यह खुलासा हुआ है कि अलग-अलग उम्र, लिंग और विभिन्न इलाकों में रहने वाले 70% से 90% भारतीयों के शरीर में विटामिन डी का स्तर जरूरत से बहुत कम है।
क्यों जरूरी है विटामिन डी?
विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन डी को केवल एक साधारण विटामिन समझना गलत होगा। यह हमारे शरीर के सुचारू संचालन के लिए एक ईंधन की तरह काम करता है। यह शरीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं। यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाता है और मानसिक स्वास्थ्य यानी मूड को भी ठीक रखने में मदद करता है।

हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से तब विटामिन डी बनाता है जब हमारी त्वचा सीधे धूप के संपर्क में आती है लेकिन आज की आधुनिक जीवनशैली ने इस कुदरती प्रक्रिया को पूरी तरह रोक दिया है। डॉक्टरों के मुताबिक शरीर में विटामिन डी की इस भारी कमी के पीछे हमारी बदली हुई आदतें और कामकाजी माहौल सबसे बड़े जिम्मेदार हैं:
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पहला, आजकल ऑफिस की सिटिंग जॉब, कंप्यूटर के सामने घंटों बैठना और वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) के चलन ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है।
दूसरा, घर से लेकर कार और ऑफिस तक हर जगह एयर-कंडीशंड माहौल के कारण लोग धूप में निकलने से कतराते हैं जिससे शरीर को नेचुरल सनलाइट नहीं मिल पाती।

इस रिपोर्ट में दो और महत्वपूर्ण फैक्ट्स (तथ्यों) पर प्रकाश डाला गया है:
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सनलाइट का गणित: बाहर कितनी तेज धूप खिली है सिर्फ इससे विटामिन डी नहीं बनता। शरीर में इसका निर्माण इस बात पर निर्भर करता है कि आप दिन के किस समय धूप में बैठ रहे हैं, धूप कितनी सीधी है और आपकी त्वचा का कितना हिस्सा खुला हुआ है।

भोजन से पूरी नहीं होती कमी: कुछ खाद्य पदार्थ जैसे अंडे की जर्दी (Egg Yolk), फैटी फिश, मशरूम और फोर्टिफाइड दूध में विटामिन डी पाया जाता है लेकिन सामान्य खान-पान से इसकी इतनी कम मात्रा मिलती है जो शरीर की जरूरत को पूरा नहीं कर पाती। इसलिए केवल डाइट के भरोसे रहकर इस कमी को ठीक करना बेहद मुश्किल है।
वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि इस कमी से बचने के लिए रोज सुबह की हल्की धूप में 15 से 20 मिनट बिताएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों की सलाह से विटामिन डी सप्लीमेंट्स लें।