AIIMS भोपाल में बड़ी लापरवाही... ब्लड कैंसर से जूझ रहे 3 साल के मासूम को दवा की जगह लगा दिया फॉर्मालिन, दर्दनाक मौत

Edited By Updated: 14 Jun, 2026 11:45 AM

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AIIMS News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल AIIMS अस्पताल में मेडिकल लापरवाही का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। ब्लड कैंसर का इलाज करा रहे तीन साल बच्चे की मौत उस समय हो गई, जब उसे दवा की जगह गलती से फॉर्मालिन नामक जहरीला रसायन इंजेक्शन लगा दिया...

AIIMS News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल AIIMS अस्पताल में मेडिकल लापरवाही का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। ब्लड कैंसर का इलाज करा रहे तीन साल बच्चे की मौत उस समय हो गई, जब उसे दवा की जगह गलती से फॉर्मालिन नामक जहरीला रसायन इंजेक्शन लगा दिया गया। मृतक बच्चे की पहचान सागर जिले के बीना तहसील के कौरजा गांव निवासी सार्थक यादव के रूप में हुई है। वह ब्लड कैंसर से पीड़ित था और 15 दिसंबर 2025 को गंभीर हालत में AIIMS भोपाल के Pediatric Ward में भर्ती कराया गया था।

परिजनों के मुताबिक, 17 दिसंबर की सुबह बच्चे की आईवी लाइन ब्लॉक हो गई थी। इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद एक नर्स ने वार्ड में रखी एक सिरिंज उठाई, जिस पर F लिखा हुआ था। आरोप है कि बिना जांच-पड़ताल किए नर्स ने सिरिंज में मौजूद तरल पदार्थ को आईवी बोतल में मिला दिया। बच्चे के पिता सिद्धार्थ यादव का कहना है कि उन्होंने नर्स को ऐसा करने से रोकने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। इंजेक्शन दिए जाने के कुछ ही देर बाद बच्चे की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गया।

इलाज के दौरान तोड़ा दम
हालत गंभीर होने पर सार्थक को तुरंत पीआईसीयू (PICU) में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए सीपीआर सहित कई प्रयास किए। इसके बावजूद सुबह करीब 8:45 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल स्टाफ ने आईवी बोतल को हटाने की कोशिश की। हालांकि परिवार ने इस पर आपत्ति जताई और मामले की जांच की मांग की।

नर्सिंग स्टाफ की गंभीर लापरवाही
जांच में पाया गया कि बच्चे की मौत का कारण फॉर्मालिन का नसों के जरिए शरीर में पहुंचना था। जांच रिपोर्ट में नर्सिंग स्टाफ की गंभीर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया गया। रिपोर्ट के अनुसार, फॉर्मालिन को एक बायोप्सी सैंपल के लिए सिरिंज में भरकर वार्ड में रखा गया था, जबकि ऐसे खतरनाक रसायनों को सुरक्षित तरीके से संग्रहित किया जाना चाहिए था।

जांच रिपोर्ट के आधार पर बागसेवनिया थाना पुलिस ने दो नर्सिंग अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक नर्स पर लापरवाही के कारण मौत होने का आरोप लगाया गया है, जबकि दूसरी पर खतरनाक रसायन को सुरक्षित तरीके से न रखने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, दोनों नर्सों को अस्पताल प्रशासन ने निलंबित कर दिया है।

 क्या है फॉर्मालिन?
फॉर्मालिन फॉर्मल्डिहाइड गैस का जलीय घोल होता है। इसका उपयोग मेडिकल लैब में बायोप्सी सैंपल, ऊतकों और शवों को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। यह मानव शरीर के लिए बेहद विषैला रसायन माना जाता है और इसका सीधे शरीर में जाना जानलेवा हो सकता है।

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