Edited By Mehak,Updated: 23 Mar, 2026 06:02 PM

आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। इससे बचने के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करें, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें और अनजान लिंक पर क्लिक करने से...
नेशनल डेस्क : आज के डिजिटल दौर में मोबाइल और इंटरनेट ने हमारे जीवन को बेहद आसान बना दिया है। अब पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसे काम घर बैठे ही किए जा सकते हैं। लेकिन इसके साथ ही साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करें
अक्सर लोग एक ही पासवर्ड कई जगहों पर इस्तेमाल कर लेते हैं, जो एक बड़ी गलती है। इससे आपका पूरा डेटा खतरे में पड़ सकता है। इसलिए हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड बनाएं। साथ ही टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को जरूर चालू रखें, जिससे आपके अकाउंट की सुरक्षा और मजबूत हो जाती है। डिवाइस के सिक्योरिटी अपडेट्स को भी समय पर इंस्टॉल करना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें
सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी, लोकेशन या पारिवारिक डिटेल्स ज्यादा शेयर करना खतरनाक हो सकता है। स्कैमर्स इन जानकारियों का इस्तेमाल कर लोगों को धोखा देते हैं। कई बार वे आपके जानने वाले बनकर भी संपर्क कर सकते हैं। इसलिए अपनी पर्सनल जानकारी को सीमित रखें और सतर्क रहें।
अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
फिशिंग आज के समय का सबसे आम साइबर फ्रॉड तरीका है। इसमें आपको ईमेल या मैसेज के जरिए लिंक भेजा जाता है, जिस पर क्लिक करते ही आपका डेटा चोरी हो सकता है। ऐसे मैसेज अक्सर आपको डराने या किसी ऑफर का लालच देने के लिए भेजे जाते हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच जरूर करें।
VPN और अलग ईमेल का इस्तेमाल करें
अगर आप कई वेबसाइट्स या ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो हर जगह अपनी मुख्य ईमेल आईडी का उपयोग न करें। इसके लिए अलग ईमेल या ईमेल मास्किंग का इस्तेमाल करना बेहतर होता है। इसके अलावा VPN का उपयोग करने से आपकी ऑनलाइन पहचान सुरक्षित रहती है और डेटा ट्रैकिंग का खतरा कम होता है।
एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग जरूरी
इंटरनेट से फाइल डाउनलोड करते समय हमेशा सावधानी रखें। कई बार फाइल्स के साथ वायरस या मैलवेयर भी आ सकता है, जो आपके डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए अपने फोन या कंप्यूटर में अच्छा एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें, जो खतरनाक फाइल्स को पहचानकर उन्हें ब्लॉक कर सके।