Edited By Rohini Oberoi,Updated: 23 Mar, 2026 09:17 AM

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले सत्ताधारी दल भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। हिमंत सरकार में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रहीं नंदिता गरलोसा रविवार (22 मार्च) को औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। भाजपा...
Nandita Gorlosa Joins Congress Assam : असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले सत्ताधारी दल भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। हिमंत सरकार में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रहीं नंदिता गरलोसा रविवार (22 मार्च) को औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। भाजपा द्वारा इस बार उनका टिकट काटे जाने से वे बेहद नाराज थीं।
मुख्यमंत्री की मान-मनौव्वल रही नाकाम
दिलचस्प बात यह है कि रविवार को खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हाफलोंग पहुंचे थे। उन्होंने नंदिता गरलोसा के घर जाकर उनसे लंबी मुलाकात की और उन्हें मनाने की कोशिश की लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही। सीएम के घर से निकलते ही कुछ ही घंटों बाद गरलोसा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।
भाजपा का नया चेहरा बना बगावत की वजह
भाजपा ने इस बार हाफलोंग सीट से मौजूदा विधायक और मंत्री नंदिता गरलोसा का टिकट काटकर रुपाली लांगथासा को उम्मीदवार बनाया है। इसी फैसले से नाराज होकर गरलोसा ने कमल का साथ छोड़ दिया। अब वे अपनी पुरानी सीट हाफलोंग से ही कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी।
कांग्रेस का तीखा हमला: जमीन बेचने में जुटी है सरकार
नंदिता गरलोसा का स्वागत करते हुए असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के महासचिव निर्मल लंगथासा ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा "भाजपा में सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को आदिवासियों की जमीनें बड़ी कंपनियों को बेचने में दिलचस्पी है जबकि नंदिता गरलोसा जनता की आवाज बनी रहीं।"
हाफलोंग में अब रोचक होगा मुकाबला
कांग्रेस सोमवार को आधिकारिक रूप से गरलोसा को अपना उम्मीदवार घोषित करेगी। हाफलोंग सीट पर अब भाजपा की रुपाली लांगथासा और कांग्रेस की नंदिता गरलोसा के बीच सीधी और दिलचस्प टक्कर देखने को मिलेगी।