Edited By Rohini Oberoi,Updated: 09 Mar, 2026 12:14 PM

वैश्विक तनाव के बीच परमाणु युद्ध के विशेषज्ञों और 'नेचर' पत्रिका में प्रकाशित एक नई स्टडी ने दुनिया को आगाह किया है। अगर आज की तारीख में मौजूद 12,000 परमाणु मिसाइलों का इस्तेमाल होता है तो धरती पर जीवन का नामोनिशान मिटने की कगार पर होगा। वैज्ञानिकों...
Nuclear War Scenario : वैश्विक तनाव के बीच परमाणु युद्ध के विशेषज्ञों और 'नेचर' पत्रिका में प्रकाशित एक नई स्टडी ने दुनिया को आगाह किया है। अगर आज की तारीख में मौजूद 12,000 परमाणु मिसाइलों का इस्तेमाल होता है तो धरती पर जीवन का नामोनिशान मिटने की कगार पर होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार असली खतरा धमाकों से ज्यादा उसके बाद आने वाले 'न्यूक्लियर विंटर' (परमाणु शीत) से है।
क्या है Nuclear Winter?
परमाणु विस्फोट केवल आग का गोला नहीं होते बल्कि ये प्रकृति के पूरे चक्र को नष्ट कर देते हैं। वैज्ञानिकों ने इसके चार मुख्य चरण बताए हैं। धमाकों से निकलने वाली 150 मिलियन टन कालिख और धुआं आसमान में एक मोटी परत बना देगा। यह परत सूरज की रोशनी को धरती तक पहुंचने से रोक देगी जिससे पूरी दुनिया में अंधेरा छा जाएगा। धूप न मिलने के कारण धरती का तापमान -20°C से -30°C तक गिर जाएगा। अमेरिका और यूक्रेन जैसे उपजाऊ इलाके 10 साल तक बर्फ के रेगिस्तान बने रहेंगे।

धमाकों से निकलने वाली गैसें ओजोन परत को फाड़ देंगी। जब सालों बाद धुआं छंटेगा, तो सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें सीधे इंसान की त्वचा को जला देंगी, जिससे कैंसर और अंधापन फैल जाएगा। रोशनी और गर्मी के अभाव में बारिश लगभग खत्म हो जाएगी। फसलें नहीं उगेंगी और दुनिया के 5 अरब लोग भूख से मर जाएंगे।
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सिर्फ ये 2 देश ही क्यों बचेंगे?
एक्सपर्ट्स के अनुसार भीषण तबाही के बावजूद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के पास बचने की उम्मीद सबसे ज्यादा है। इन दोनों देशों के चारों ओर फैला समुद्र तापमान को इतना ज्यादा गिरने नहीं देगा कि खेती बिल्कुल असंभव हो जाए। मुख्य युद्ध क्षेत्रों (अमेरिका, यूरोप, एशिया) से भौगोलिक दूरी इन्हें शुरुआती रेडिएशन और धमाकों से कुछ हद तक बचाएगी।
हालांकि यहां भी जीवन आसान नहीं होगा। रेडिएशन से बचने के लिए लोगों को अंडरग्राउंड (जमीन के नीचे) शरण लेनी होगी और घने अंधेरे में भोजन के लिए संघर्ष करना होगा।

100 मिलियन डिग्री का तापमान
ए सिनेरियो' की लेखिका एनी जैकबसन के अनुसार परमाणु विस्फोट के समय तापमान 100 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यह सूरज के केंद्र से भी ज्यादा गर्म होगा जो पल भर में करोड़ों लोगों को भाप बना देगा।

दुनिया में कहां-कहां मंडरा रहा है खतरा?
मध्य पूर्व: इजरायल और अमेरिका के साथ ईरान की जंग ने तीसरे विश्व युद्ध की आहट दे दी है।
यूरोप: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 4 साल से जारी जंग थमने का नाम नहीं ले रही।
दक्षिण एशिया: तालिबान का परमाणु संपन्न पाकिस्तान पर हमला और चीन-ताइवान के बीच का तनाव दुनिया को अस्थिर कर रहा है।