Edited By Parveen Kumar,Updated: 01 Jun, 2026 05:23 PM

केंद्र सरकार ने देश में स्ट्रीट कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि स्कीम को मार्च 2030 तक बढ़ाने का फैसला किया है। इस योजना को सरकार ने कोविड महामारी के समय शुरू किया था, ताकि सड़कों पर रेहड़ी, ठेला लगाने वाले लोग...
नेशनल डेस्क : केंद्र सरकार ने देश में स्ट्रीट कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि स्कीम को मार्च 2030 तक बढ़ाने का फैसला किया है। इस योजना को सरकार ने कोविड महामारी के समय शुरू किया था, ताकि सड़कों पर रेहड़ी, ठेला लगाने वाले लोग अपना काम शुरू कर सकें। मिली जानकारी के अनसुार 75.5 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।
जानकारी के अनसुार बता दें इस योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को बिना किसी गारंटी के लोन दिया जाता है। इसमें चरणबद्ध तरीके लोन मुहैया करवाया जाता है, जैसे कि पहली बार 15,000 रुपए, दूसरी बार 25,000 और तीसरी बार 50,000 रुपए तक का लोन आसानी से मिल जाता है। यहीं नहीं लोन को सही तरीके से चुकाने पर इससे ज्यादा की राशि भी मिल सकती है। सरकार द्वार चलाई गई इस योजना में समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी भी मिलती है।
17,800 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि मिली
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक देशभर में 75.5 लाख से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा चुके है। इनके लिए 112 लाख से ज्यादा ऋण स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत कुल 17,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। इसके अलावा लाभार्थियों को लगभग 800 करोड़ रुपये ब्याज सब्सिडी और डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन के रूप में दिए गए हैं।
महिलाओं और कमजोर वर्गों पर खास फोकस
योजना के लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि लगभग 70 प्रतिशत लोग वंचित और कमजोर वर्गों से आते हैं। सरकार की “स्वनिधि से समृद्धि” पहल के तहत 50 लाख से अधिक परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया है। स्वतंत्र अध्ययनों के अनुसार, योजना से लाभार्थियों की आय में औसतन 20 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही करीब 95 प्रतिशत लाभार्थियों ने पहली बार किसी औपचारिक बैंकिंग संस्था से ऋण प्राप्त किया, जिससे वित्तीय समावेशन को भी नई मजबूती मिली है।