Edited By Anu Malhotra,Updated: 22 Sep, 2026 03:45 PM

आगामी त्योहारों के सीजन में घर जाने की सोच रहे यात्रियों के लिए हवाई सफर को लेकर स्थिति साफ हो गई है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार आने वाले त्योहारों के मौसम के लिए हवाई किराए पर कोई सीमा तय नहीं करेगी, लेकिन...
नई दिल्ली: आगामी त्योहारों के सीजन में घर जाने की सोच रहे यात्रियों के लिए हवाई सफर को लेकर स्थिति साफ हो गई है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार आने वाले त्योहारों के मौसम के लिए हवाई किराए पर कोई सीमा तय नहीं करेगी, लेकिन एयरलाइंस को कीमतें उचित रखने की सलाह देगी। उन्होंने यह भी बताया कि ईंधन की लागत बढ़ने के कारण विमानन कंपनियों की परिचालन लागत (ऑपरेटिंग कॉस्ट) बढ़ गई है।
'उड़ान' योजना के अगले चरण के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर करने के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले भी त्योहारों या महत्वपूर्ण आयोजनों के समय कीमतों की स्थिति को संभाला है। मंत्री ने कहा, "हम एयरलाइंस के साथ लगातार बातचीत करते रहते हैं; हमारी उनके साथ नियमित बैठकें भी होती हैं। और हम निश्चित रूप से उन्हें यह बताते हैं कि त्योहारों के इस मौसम में उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि किराया उचित स्तर पर रहे, ताकि जो लोग यात्रा करना चाहते हैं - खासकर इन महत्वपूर्ण समयों में - उन्हें इसका लाभ मिल सके।"
वे इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या सरकार आने वाले त्योहारों के मौसम में हवाई किराए पर कोई सीमा लगाएगी। उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण ATF (विमान ईंधन) की कीमतें बढ़ गई हैं। ईंधन किसी एयरलाइन के परिचालन खर्च का एक बड़ा हिस्सा होता है। उन्होंने कहा, "ऐसा जरूरी नहीं कि त्योहारों के मौसम या किसी और वजह से हो रहा हो, बल्कि वहां संकट की स्थिति बनी हुई है।" नायडू ने कहा कि हवाई किराए में ATF की हिस्सेदारी 40 से 43 प्रतिशत होती है और ईंधन की लागत में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी सीधे तौर पर टिकट की कीमतों को बढ़ा देती है।