Edited By Ramkesh,Updated: 12 Aug, 2026 02:16 PM

असम में बाढ़ की स्थिति बुधवार को भी गंभीर बनी रही और चार जिलों में 1.12 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं तथा बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों में और बारिश होने का अनुमान है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक...
गुवाहाटी: असम में बाढ़ की स्थिति बुधवार को भी गंभीर बनी रही और चार जिलों में 1.12 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं तथा बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों में और बारिश होने का अनुमान है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक अधिकारी ने बताया कि कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं, जिससे कुछ नए इलाकों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
इन हिस्सों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश
उन्होंने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के गुवाहाटी केंद्र ने चराईदेव, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने और बिजली गिरने का अनुमान जताया है। अधिकारी ने बताया कि गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर है, जिससे बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी गई है।
बाढ़ से 101 लोगों की अब तक मौत
एएसडीएमए के दैनिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ के कारण किसी और व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं है और इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 101 बनी हुई है। बुलेटिन के मुताबिक, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और शिवसागर जिलों में 1,12,700 से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में गोलाघाट सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां 65,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
पांच जिलों में 92 राहत शिविर
इसके बाद शिवसागर में करीब 20,000 और नगांव में 16,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं। एएसडीएमए के अधिकारी ने बताया कि नुमालीगढ़ में धनसिरी और श्रीभूमि में कुशियारा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन पांच जिलों में 92 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जिनके जरिए 30,205 प्रभावित लोगों को सहायता दी जा रही है।