Edited By Mansa Devi,Updated: 06 Mar, 2026 05:08 PM

केंद्र सरकार द्वारा गठित 8th Central Pay Commission ने अपने काम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार द्वारा गठित 8th Central Pay Commission ने अपने काम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से बताया गया है कि इच्छुक व्यक्ति और संस्थाएं तय समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी राय भेज सकते हैं। आयोग के अनुसार यह पोर्टल 5 मार्च 2026 से शुरू हो चुका है और 30 अप्रैल 2026 तक सुझाव स्वीकार किए जाएंगे।
कई वर्गों को दिया गया सुझाव देने का मौका
आयोग के मुताबिक केंद्र सरकार से जुड़े कई वर्ग इस प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। इसमें केंद्र सरकार के औद्योगिक और गैर-औद्योगिक कर्मचारी, ऑल इंडिया सर्विसेज के अधिकारी, रक्षा बलों के कर्मचारी, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी और भारतीय ऑडिट एवं अकाउंट्स विभाग के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा संसद के कानून के तहत बने नियामक संस्थानों के सदस्य भी सुझाव दे सकते हैं, हालांकि Reserve Bank of India को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
इसी तरह Supreme Court of India और विभिन्न हाईकोर्ट के अधिकारी एवं कर्मचारी, केंद्र शासित प्रदेशों की निचली अदालतों के न्यायिक अधिकारी, पेंशनर्स, कर्मचारी संघ और यूनियन, साथ ही केंद्र सरकार के मंत्रालय, विभाग और अन्य संगठन भी अपनी राय आयोग को भेज सकते हैं।
एक करोड़ से ज्यादा लोगों पर पड़ेगा असर
8वां वेतन आयोग देश के करोड़ों लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुमान है कि इसके फैसलों का असर एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा। आयोग की सिफारिशों के आधार पर कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों, पेंशन और अन्य आर्थिक सुविधाओं में बदलाव हो सकता है। इससे उनकी क्रय शक्ति और आर्थिक स्थिति पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है।
कर्मचारी संगठन भी तैयार कर रहे प्रस्ताव
कर्मचारी संगठनों ने भी आयोग के सामने अपने प्रस्ताव रखने की तैयारी शुरू कर दी है। Federation of National Postal Organisations के महासचिव Shivaji Vasi Reddy के अनुसार कर्मचारी यूनियनें एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रही हैं। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव लगभग 300 पन्नों का दस्तावेज हो सकता है, जिसमें वेतन ढांचे, भत्तों और अन्य सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों को शामिल किया जाएगा। यह प्रस्ताव आयोग की बैठकों के दौरान सौंपा जाएगा।
केवल ऑनलाइन पोर्टल से ही भेजने होंगे सुझाव
आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुझाव और मेमोरेंडम केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। कागज पर भेजे गए दस्तावेज, ई-मेल या पीडीएफ फाइलों को मान्य नहीं माना जाएगा। इसलिए सभी इच्छुक व्यक्तियों और संगठनों को पोर्टल के जरिए ही अपनी राय दर्ज करनी होगी।
आधिकारिक वेबसाइट और प्रश्नावली जारी
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in भी शुरू कर दी है। यह आयोग नवंबर 2025 में गठित किया गया था और अब उसने सक्रिय रूप से काम करना शुरू कर दिया है। फरवरी 2026 में वेबसाइट लॉन्च होने के बाद आयोग ने 18 सवालों की एक प्रश्नावली भी जारी की थी, जिसमें कर्मचारियों और पेंशनर्स से वेतन, भत्तों और सेवा नियमों से जुड़े मुद्दों पर राय मांगी गई है।
MyGov पोर्टल के जरिए भी मांगा गया फीडबैक
फीडबैक देने के लिए आयोग ने कई समूहों को आमंत्रित किया है। इनमें मंत्रालय और सरकारी विभाग, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश, सरकारी कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी और अदालतों के कर्मचारी, नियामक संस्थानों के सदस्य, कर्मचारी यूनियन और संगठन, पेंशनर्स, शोधकर्ता, शिक्षाविद और आम नागरिक शामिल हैं। इन सवालों के जवाब MyGov पोर्टल के माध्यम से 16 मार्च 2026 तक भेजे जा सकते हैं।
वेतन आयोग का मुख्य उद्देश्य
वेतन आयोग का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों की वेतन संरचना, भत्तों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करना और उनमें आवश्यक बदलाव की सिफारिश करना होता है। इसके साथ ही आयोग यह भी सुनिश्चित करता है कि वेतन व्यवस्था सरल और व्यावहारिक हो तथा विभिन्न विभागों की जरूरतों और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार कर्मचारियों को उचित लाभ मिल सके।