Edited By Radhika,Updated: 22 Jul, 2026 04:33 PM

दिल्ली सरकार ने मॉनसून के सीजन में दिल्ली में जलभराव की स्थिति को देखते हुए एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने बारिश के मौसम में जलभराव और ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए राजधानी के सभी 13 जिलों में जिला-स्तरीय समन्वय समितियां (District-Level...
नेशनल डेस्क: दिल्ली सरकार ने मॉनसून के सीजन में दिल्ली में जलभराव की स्थिति को देखते हुए एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने बारिश के मौसम में जलभराव और ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए राजधानी के सभी 13 जिलों में जिला-स्तरीय समन्वय समितियां (District-Level Coordination Committees - DLCCs) गठित करने को मंजूरी दी है। सरकार के इस कदम से हर साल मानसून में जल निकासी की बदहाली, जाम और नागरिक सेवाओं के ठप होने जैसी समस्याओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जिला मजिस्ट्रेट (DM) होंगे अध्यक्ष, ये विभाग होंगे शामिल
प्रत्येक जिले की DLCC की कमान संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (DM) के हाथों में होगी। इन समितियों में प्रमुख नागरिक और आपातकालीन एजेंसियों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है:
- म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD)
- लोक निर्माण विभाग (PWD)
- दिल्ली जल बोर्ड (DJB)
- सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग
- दिल्ली पुलिस एवं दिल्ली फायर सर्विस
- बिजली वितरण कंपनियां (Discoms)
- नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI)
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क्या होंगी इन समितियों की मुख्य जिम्मेदारियां?
सरकार द्वारा बनाई गई इन समितियों में की कुछ मुख्य जिम्मेदारियां होंगी। जो इस प्रकार हैं-
- जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों की मैपिंग करना और वहां तुरंत निकासी के लिए पंप आदि तैयार रखना।
- समयानुसार नालों की सफाई करना।
- बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति में सभी विभागों के बीच रियल-टाइम तालमेल बिठाना ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी हो।
- मानसून के दौरान जमीनी स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करना और नागरिकों की शिकायतों का तुरंत समाधान करना।