Edited By Parveen Kumar,Updated: 06 Jul, 2026 05:46 PM
दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी के जरिए राजधानी में ई-मोबिलिटी को नई रफ्तार देने की तैयारी कर ली है। नई नीति के तहत पात्र लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए...
नेशनल डेस्क : दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी के जरिए राजधानी में ई-मोबिलिटी को नई रफ्तार देने की तैयारी कर ली है। नई नीति के तहत पात्र लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और लाभ केवल वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि दिल्ली में प्रदूषण कम कर स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। उन्होंने कहा कि नई नीति तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
चार साल में बनेंगे 32 हजार चार्जिंग प्वाइंट
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले चार वर्षों में दिल्ली में लगभग 32,000 ईवी चार्जिंग प्वाइंट विकसित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने से लोगों की 'रेंज एंग्जायटी' कम होगी और इलेक्ट्रिक वाहन दैनिक उपयोग के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प बनेंगे।
चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए मिलेगा सिंगल विंडो सिस्टम
नई ईवी पॉलिसी के तहत चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया भी आसान बनाई जाएगी। इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे इच्छुक व्यक्ति या संस्थाओं को अलग-अलग विभागों से एनओसी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी आवश्यक स्वीकृतियां एकीकृत प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।
घर के पास ही मिलेगी चार्जिंग की सुविधा
सरकार की योजना है कि दिल्लीवासियों को उनके घरों के आसपास ही सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के सहयोग से ऐसे स्थानों की पहचान की जाएगी, जहां चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा सकें। विशेष प्राथमिकता उन इलाकों को दी जाएगी, जहां निजी पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
ईवी चार्जिंग के लिए बिजली मीटर लगवाना होगा आसान
नई नीति के तहत ईवी चार्जिंग के लिए बिजली मीटर प्राप्त करने की प्रक्रिया भी पूरी तरह आसान होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनके घर या आसपास बिजली मीटर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि ईवी चार्जिंग से जुड़े बिजली मीटर के सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए, ताकि चार्जिंग सुविधाओं तक लोगों की पहुंच तेज और आसान बन सके।
दिल्ली को ई-मोबिलिटी राजधानी बनाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने अगले चार वर्षों में राजधानी को देश की ई-मोबिलिटी कैपिटल बनाने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नई नीति के तहत दोपहिया, तिपहिया (ऑटो), वाणिज्यिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर उतरेंगे, जिससे वाहनजनित वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी।
सिर्फ सब्सिडी नहीं, पूरी ईवी इकोसिस्टम पर सरकार का फोकस
सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने का निर्णय केवल सब्सिडी पर निर्भर नहीं करता। चार्जिंग नेटवर्क, शुरुआती लागत, वाहन विकल्प, लोगों का भरोसा और बिक्री के बाद मिलने वाली सेवाएं भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं। इसी सोच के साथ नई ईवी पॉलिसी में चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार, वाहन पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने, बैटरी स्वैपिंग को बढ़ावा देने और पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर प्रोत्साहन जैसी व्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया है।
माल ढुलाई में भी बढ़ेगा इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल
नई ईवी पॉलिसी के तहत माल ढुलाई के लिए इलेक्ट्रिक ट्रकों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार एनसीआर स्तर पर चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने की दिशा में भी काम करेगी, ताकि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों का संचालन सुगम हो सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई नीति का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी मजबूत और सुविधाजनक व्यवस्था तैयार करना है, जिससे ईवी दिल्लीवासियों की पहली पसंद बन सके और राजधानी स्वच्छ, प्रदूषणमुक्त तथा टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़े।