Edited By Radhika,Updated: 29 Jun, 2026 02:46 PM

दिल्ली सरकार के दफ्तरों को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई e-Office व्यवस्था' को 1 जुलाई को एक साल पूरा होने जा रहा है। 1 साल पूरा होने के इस मौके पर सीएम पर रेखा गुप्ता ने कहा कि इस व्यवस्था से कामकाज के तरीके में काफी सकारात्मक...
नेशनल डेस्क: दिल्ली सरकार के दफ्तरों को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई 'e-Office व्यवस्था' को 1 जुलाई को एक साल पूरा होने जा रहा है। 1 साल पूरा होने के इस मौके पर सीएम पर रेखा गुप्ता ने कहा कि इस व्यवस्था से कामकाज के तरीके में काफी सकारात्मक के तरीके में बदलाव आया है। पहले की तुलना में अब सरकारी दफ्तरों में भी सारा काम ऑनलाइन होने लगा है।
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अब जनता को नहीं करना होगा इंतजार
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस नई डिजिटल प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब किसी भी फाइल की स्थिति को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इससे आसानी से पता चल जाता है कि कौन से अधिकारी के पास किस टेबल पर फाइल रुकी हुई है। इस व्यवस्था से सरकारी कामकाज में होने वाली देरी पर पूरी तरह लगाम लग गई है और अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ी है। सरकार का मकसद एक ऐसा सिस्टम बनाना है जहाँ आम जनता को अपने कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

तीन अलग-अलग हिस्सों में बंटा है पूरा सिस्टम
सरकार ने सभी सरकारी विभागों और संस्थानों के हिसाब से इस ई-ऑफिस व्यवस्था को तीन अलग-अलग कैटेगरीज में बांटा है। पहली कैटेगरी मुख्य सरकारी विभागों के लिए। दूसरी कैटेगरी सरकारी कंपनियों (PSUs), निगमों, बोर्डों और नगर निकायों के लिए और तीसरी कैटेगरी यूनिवर्सिटी, कॉलेजों और अन्य सरकारी शिक्षण संस्थानों के लिए बनाई गई है।
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लाखों डिटिजल फाइलों का पूरा हो चुका है काम
जानकारी के लिए बता दें कि बीते 1 साल में इस सिस्टम के जरिए लाखों डिजिटल फाइलों और रसीदों का काम निपटाया जा चुका है।