कांग्रेस में महापरिक्रमावादियों और परिक्रमावादियों में एक परिवार की चाटुकारिता का संघर्ष : चुग

Edited By Updated: 02 Jul, 2026 07:33 PM

conflict between mahaparikramawadis and parikramawadis in congress due to sycoph

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने कहा कि कांग्रेस में अब संघर्ष योग्य नेताओं के बीच नहीं, बल्कि परिक्रमावादियों और महापरिक्रमावादियों के बीच है, क्योंकि पराक्रमवादी नेता तो बहुत पहले ही कांग्रेस छोड़ चुके हैं।

नेशनल डेस्क : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने कहा कि कांग्रेस में अब संघर्ष योग्य नेताओं के बीच नहीं, बल्कि परिक्रमावादियों और महापरिक्रमावादियों के बीच है, क्योंकि पराक्रमवादी नेता तो बहुत पहले ही कांग्रेस छोड़ चुके हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनीष तिवारी के साथ हुए व्यवहार पर कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए चुग ने कहा कि इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर गांधी-वाड्रा परिवार के सामने कांग्रेस के पूर्ण समर्पण को उजागर कर दिया है।

चुग ने कहा, "मनीष तिवारी को अब समझ लेना चाहिए कि आज की कांग्रेस में वही सम्मान और अवसर पाता है जो गांधी-वाड्रा परिवार की परिक्रमा करता है। कांग्रेस में योग्यता, ईमानदारी और स्वतंत्र सोच अब बोझ बन चुकी है।"

उन्होंने कहा कि पंजाब में स्वाभिमानी और साहसी नेताओं के कांग्रेस छोड़ने के बाद अब पार्टी में वही लोग बचे हैं जिनकी एकमात्र योग्यता गांधी-वाड्रा परिवार के प्रति अंधभक्ति है। चुग ने कहा, "कांग्रेस अब 'चमचा युग' में प्रवेश कर चुकी है। पार्टी में क्षमता और प्रतिभा का कोई स्थान नहीं रह गया है। आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता एक परिवार के प्रति अंधनिष्ठा है।"

पंजाब से दो बार सांसद रहे मनीष तिवारी के कथित अपमान का उल्लेख करते हुए चुग ने कहा कि यह कांग्रेस में गहराई तक जड़ें जमा चुकी चाटुकारिता की संस्कृति को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "जब मनीष तिवारी जैसे कद के नेता के साथ ऐसा व्यवहार होता है, तो यह स्पष्ट संदेश है कि कांग्रेस में प्रतिभा, जनसेवा और सिद्धांतों का कोई मूल्य नहीं है, जब तक कोई गांधी-वाड्रा परिवार के सामने नतमस्तक न हो।"

चुग ने कहा कि कांग्रेस अब एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल नहीं रह गई है, बल्कि एक परिवार द्वारा संचालित ऐसा संगठन बन चुकी है, जहां योग्यता, वैचारिक प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक मूल्यों का स्थान परिवार-भक्ति ने ले लिया है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!