Edited By Radhika,Updated: 26 Jun, 2026 02:02 PM

कर्नाटक के उडुपी में एक जिला उपभोक्ता आयोग ने एक फ्लैट के सौदे को लेकर हुए विवाद में उसके आदेश की जानबूझकर अवमानना करने के लिए कांग्रेस नेता अमृत शेनॉय को तीन साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। बृहस्पतिवार को अदालती कार्यवाही की जानकारी देने...
नेशनल डेस्क: कर्नाटक के उडुपी में एक जिला उपभोक्ता आयोग ने एक फ्लैट के सौदे को लेकर हुए विवाद में उसके आदेश की जानबूझकर अवमानना करने के लिए कांग्रेस नेता अमृत शेनॉय को तीन साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। बृहस्पतिवार को अदालती कार्यवाही की जानकारी देने वाले एक दस्तावेज के मुताबिक, जिला उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग ने शिकायतकर्ता संतोष पई के पक्ष में पूर्व में जारी निर्देशों का अनुपालन करने में शेनॉय को विफल पाया। इस प्रकार से आयोग ने शेनॉय को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 72 के तहत दोषी पाया।
ये भी पढ़ें- Modi Cabinet Reshuffle: दिल्ली में बड़ी सियासी सर्जरी की तैयारी, मोदी कैबिनेट और बीजेपी संगठन में जल्द होगा बंपर फेरबदल
आयोग ने शेनॉय को वॉयेजर अपार्टमेंट में एक फ्लैट शिकायतकर्ता के पक्ष में पंजीकृत करने का निर्देश दिया था। ऐसा नहीं करने पर उन्हें सालाना नौ प्रतिशत ब्याज के साथ 27.20 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया गया था। शेनॉय द्वारा इस आदेश का अनुपालन करने में कथित तौर पर विफल रहने के बाद शिकायतकर्ता ने अवमानना की कार्यवाही के लिए आवेदन किया। याचिका पर सुनवाई के बाद आयोग ने पाया कि शेनॉय ने जानबूझकर उसके आदेश का उल्लंघन किया।
ये भी पढ़ें- CM भगवंत मान के दो वायरल वीडियो पर BJP नेता आरपी सिंह बोले- खुद उजागर किया अपना फर्जीवाड़ा
आयोग ने बुधवार को शेनॉय को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई और एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना भरने में चूक की स्थिति में अतिरिक्त छह माह की सजा का आयोग ने आदेश दिया। आयोग ने इसके बाद, शेनॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया और पुलिस द्वारा कांग्रेस नेता कोसे बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर आयोग के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने शेनॉय को न्यायिक हिरासत में हिरियादका जेल भेज दिया।