Edited By Radhika,Updated: 14 Jul, 2026 05:17 PM

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को गुरुग्राम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय पहुंचकर कथित तौर पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विरोध में सुंदरकांड का पाठ किया जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया। हनुमान चालीसा की प्रतियां लेकर जैसे ही कांग्रेस...
नेशनल डेस्क: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को गुरुग्राम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय पहुंचकर कथित तौर पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विरोध में सुंदरकांड का पाठ किया जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया। हनुमान चालीसा की प्रतियां लेकर जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय 'गुरुकमल' पहुंचे, वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस निरीक्षक राजेश बागड़ी ने बताया कि गुरुग्राम जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्य पंकज डावर और वर्धन यादव ने सोमवार को घोषणा की थी कि वे मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे भाजपा कार्यालय के पास 'सुंदरकांड का पाठ' करेंगे। इसके बाद सेक्टर-40 पुलिस ने सोमवार रात दोनों नेताओं को नोटिस जारी कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी।
कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मंगलवार सुबह भाजपा कार्यालय के 300 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत एहतियाती कदम उठाए थे। पुलिस से बहस के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता अवरोधकों के पास मुख्य सड़क पर बैठ गए और उन्होंने वहीं सुंदरकांड का पाठ शुरू कर दिया। कुछ देर बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अवरोधक पार करने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। पुलिस के अनुसार, वहां पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर सुंदरकांड का पाठ करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिस पर पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस दमनकारी रवैया अपना रही है। इस बीच भाजपा ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक दिखावा करार दिया। भाजपा की जिला इकाई के अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को कार्यालय के अंदर आकर सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता भी इसमें शामिल होते। पुलिस सूत्रों ने बताया कि किसी राजनीतिक दल के कार्यालय के ठीक बाहर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने से दो पक्षों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती थी, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी।