Edited By Anu Malhotra,Updated: 24 Sep, 2026 10:40 AM

चक्रवातीय तूफान 'अर्नब' ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकरा (Landfall) गया है। तूफान की दस्तक के साथ ही ओडिशा के कई तटीय जिलों, विशेषकर पुरी में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते...
अमरावती : चक्रवातीय तूफान 'अर्नब' ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकरा (Landfall) गया है। तूफान की दस्तक के साथ ही ओडिशा के कई तटीय जिलों, विशेषकर पुरी में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई राज्यों में भारी से अति-भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है।
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के अनुसार, बुधवार सुबह 8:30 बजे से गुरुवार सुबह 7:00 बजे तक कई जिलों में भारी बारिश हुई, जिसमें 80 से ज़्यादा जगहों पर बारिश का आंकड़ा 100 मिमी से ज़्यादा रहा। भारी बारिश के कारण विशाखापत्तनम पर मौसम का सबसे ज़्यादा असर पड़ा, जहां राज्य में सबसे ज़्यादा बारिश दर्ज की गई। विशाखा ग्रामीण (तुलसीनगर) में 236 मिमी, इसके बाद मधुरवाड़ा में 218 मिमी और एंदाडा में 210 मिमी बारिश हुई। सीताम्मधारा में 205 मिमी, कपुलुप्पाडा में 202 मिमी और महारानी पेटा में 199 मिमी बारिश दर्ज की गई।
उत्तरी और तटीय इलाकों में अन्य उल्लेखनीय बारिश के आंकड़ों में विजयनगरम में कोथावलासा (188 मिमी), विशाखापत्तनम में पेंडुर्थी (179 मिमी), बुचिराजूपालेम (171 मिमी) और श्रीकाकुलम में लक्ष्मीनर्सुपेटा (158 मिमी) शामिल हैं। काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, एनटीआर, कोनासीमा, एलुरु और पोलावरम जिलों के इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए ज़रूरी सलाह जारी की है और उनसे अचानक बाढ़ और जलभराव को लेकर सतर्क रहने को कहा है।
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रखर जैन ने कहा, "ज़मीनी स्तर के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और स्थिति पर कड़ी नज़र रखने का निर्देश दिया गया है।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राहत कार्यों की देखरेख के लिए संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रतिक्रिया टीमें तैनात हैं।
रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) को हाई अलर्ट पर रखा
इससे पहले उत्तरी आंध्र पर चक्रवात के खतरे को देखते हुए, राज्य सचिवालय में रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रभावित ज़िलों में चक्रवात की चाल, मौसम की स्थिति और ज़मीनी हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है। सूचना और जनसंपर्क विभाग के अनुसार, RTGS कमांड कंट्रोल सेंटर, AWARE विंग के साथ मिलकर, रियल टाइम में चक्रवात की चाल और तीव्रता, बारिश के पैटर्न, हवा की स्थिति और मौसम से जुड़ी अन्य गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रहा है। जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है और नियमित अंतराल पर इसे आगे भेजा जा रहा है ताकि प्रशासन समय रहते बचाव और प्रतिक्रिया के उपाय कर सके।
RTG विभाग के सचिव भास्कर कटमनेनी (IAS) और RTGS के CEO प्रखर जैन (IAS) चक्रवात की स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। RTGS की AWARE विंग चक्रवात से जुड़े अलर्ट और सलाह जारी करने में अहम भूमिका निभा रही है। मौसम की रियल-टाइम जानकारी के आधार पर, नागरिकों को उनके मोबाइल फोन पर समय-समय पर अलर्ट भेजे जा रहे हैं। उन्हें अपने-अपने इलाकों में चक्रवात की चाल, भारी बारिश, संभावित बाढ़ और मौसम से जुड़े अन्य खतरों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
यही रियल-टाइम जानकारी संबंधित ज़िला अधिकारियों, विभाग प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी साझा की जा रही है, ताकि वे स्थिति की समीक्षा कर सकें और ज़रूरी एहतियाती कदम पहले से उठा सकें। जानकारी का प्रवाह राज्य स्तर से ज़िला और फील्ड-लेवल प्रशासनिक तंत्र तक बढ़ाया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि चेतावनियाँ ज़मीनी स्तर पर तुरंत कार्रवाई के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचें।
अलर्ट और सलाह संबंधित ज़िला प्रशासन, संबंधित विभागों और फील्ड-लेवल के कर्मचारियों (जिनमें स्वर्ण ग्राम और स्वर्ण वार्ड सचिवालय के कर्मचारी भी शामिल हैं) तक पहुंचाए जा रहे हैं। इससे वे सतर्क रह सकें, अपने अधिकार क्षेत्र में स्थिति का आकलन कर सकें और ज़रूरत के अनुसार उचित कार्रवाई कर सकें। जानकारी के इस रियल-टाइम फ्लो का मकसद यह पक्का करना है कि राज्य-स्तर के कमांड सेंटर से जारी चेतावनियां बिना किसी देरी के ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों तक पहुंचें, जिससे तैयारी मज़बूत हो और तालमेल के साथ कार्रवाई की जा सके।
RTGS ज़िला प्रशासन को उन इलाकों के बारे में पहले से जानकारी दे रहा है जहां भारी बारिश, अचानक बाढ़ और चक्रवात से जुड़े दूसरे असर होने की संभावना है। जलाशय के स्तर, कैचमेंट एरिया में संभावित पानी के बहाव और संवेदनशील जगहों से जुड़ी जानकारी पर नज़र रखी जा रही है और संबंधित अधिकारियों के साथ साझा की जा रही है।
श्रीकाकुलम, विजयनगरम, पार्वतीपुरम मन्यम, विशाखापत्तनम, ASR और अनाकापल्ली ज़िलों पर खास ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि चक्रवात के कलिंगपट्टनम के पास तट पार करने की उम्मीद है। श्रीकाकुलम ज़िले में, प्रशासन को उन जगहों के बारे में पहले से अलर्ट किया जा रहा है जहां अचानक बाढ़ आने की संभावना है, ताकि ज़मीनी स्तर की टीम एहतियाती कदम उठा सके।
RTGS अधिकारी प्रभावित ज़िला प्रशासन के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए हैं और ज़मीनी हालात पर नज़र रख रहे हैं। ज़मीनी स्तर से मिली जानकारी की रियल-टाइम मौसम की जानकारी के साथ समीक्षा की जा रही है ताकि वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति की ताज़ा जानकारी दी जा सके।
RTGS ने लोगों से सतर्क रहने और AWARE ऐप और AWARE वेबसाइट के ज़रिए रियल-टाइम में चक्रवात की चाल पर नज़र रखने की अपील की है। नागरिक अपने मोबाइल फ़ोन पर इन प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करके चक्रवात की ताज़ा चाल पर नज़र रख सकते हैं और अपनी जगह के हिसाब से मौसम की रियल-टाइम जानकारी और अलर्ट पा सकते हैं। RTGS ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से अपडेट देखते रहें और अधिकारियों द्वारा जारी एहतियाती सलाह का पालन करें। RTGS की डिप्टी CEO एम माधुरी, एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट पी श्रीखर, के चैतन्य और डी अखिला के साथ मिलकर संबंधित ज़िलों में स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही हैं और वरिष्ठ अधिकारियों को अहम जानकारी दे रही हैं।