Edited By Pardeep,Updated: 19 Aug, 2026 05:36 AM

देश में उन्नत रोबोटिक और न्यूनतम चीर-फाड़ वाली चिकित्सा क्षमताओं को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित ‘सर्जिकल स्वराज’ अभियान के तहत इंदौर में एक ही दिन में 51 रोबोटिक बेरियाट्रिक सर्जरी की गईं।
इंदौरः देश में उन्नत रोबोटिक और न्यूनतम चीर-फाड़ वाली चिकित्सा क्षमताओं को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित ‘सर्जिकल स्वराज’ अभियान के तहत इंदौर में एक ही दिन में 51 रोबोटिक बेरियाट्रिक सर्जरी की गईं। वरिष्ठ बेरियाट्रिक एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी के नेतृत्व में आयोजित इस पहल में छह रोबोटिक शल्य प्रणालियों और सर्जन, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, नर्सिंग कर्मियों, तकनीशियनों तथा अन्य सहायक कर्मचारियों की बहु-विषयक टीम ने इन प्रक्रियाओं को समन्वित तरीके से पूरा किया।
इन सर्जरी कराने वाले 51 मरीजों में 30 पुरुष और 21 महिलाएं शामिल थीं। उनकी औसत आयु 43.6 वर्ष थी, जबकि उनकी आयु 21 से 77 वर्ष के बीच थी। मरीजों का औसत वजन 122 किलोग्राम था।
भंडारी ने कहा कि ‘सर्जिकल स्वराज’ केवल बड़ी संख्या में सर्जरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी, टीमवर्क, बेहतर योजना और चिकित्सकीय दक्षता के माध्यम से भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र की क्षमताओं को प्रदर्शित करना है। उन्होंने कहा कि छह रोबोटिक शल्य प्रणालियों की तैनाती भारत में शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में बढ़ती क्षमताओं और बड़े स्तर पर उन्नत प्रक्रियाएं करने की क्षमता को दर्शाती है।
भंडारी इंदौर स्थित मोहक बेरियाट्रिक्स एंड रोबोटिक्स का नेतृत्व करते हैं और 40,000 से अधिक बेरियाट्रिक सर्जरी करने का दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने के कारण इस पहल का विशेष महत्व है। ‘सर्जिकल स्वराज’ स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की यात्रा का प्रतीक है।
कार्यक्रम का उद्देश्य बेरियाट्रिक और न्यूनतम चीर-फाड़ वाली सर्जरी में रोबोटिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ-साथ जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए उन्नत बुनियादी ढांचे और समन्वित चिकित्सा दलों के महत्व को रेखांकित करना था।