Edited By Rohini Oberoi,Updated: 06 Feb, 2026 04:27 PM

सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी कहानियां वायरल होती हैं जो सुनने में किसी डरावनी फिल्म जैसी लगती हैं। इन दिनों फिर से अमेजन नदी की कैंडिरु (Candiru) मछली चर्चा में है। दावा किया जाता है कि अगर कोई नदी में पेशाब करता है तो यह छोटी सी मछली यूरिन की धार के...
Candiru Fish : सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी कहानियां वायरल होती हैं जो सुनने में किसी डरावनी फिल्म जैसी लगती हैं। इन दिनों फिर से अमेजन नदी की कैंडिरु (Candiru) मछली चर्चा में है। दावा किया जाता है कि अगर कोई नदी में पेशाब करता है तो यह छोटी सी मछली यूरिन की धार के सहारे इंसान के प्राइवेट पार्ट (Urethra) में घुस जाती है और वहां कांटों की मदद से चिपक जाती है लेकिन क्या यह हकीकत है या सिर्फ इंटरनेट पर फैला एक डर? आइए जानते हैं विज्ञान इस बारे में क्या कहता है।
कौन है ये कैंडिरु मछली?
कैंडिरु एक बहुत छोटी पारदर्शी कैटफिश है जो मुख्य रूप से अमेजन बेसिन में पाई जाती है। इसे 'पैरासाइटिक फिश' कहा जाता है क्योंकि यह दूसरी बड़ी मछलियों के गलफड़ों (Gills) में घुसकर उनका खून चूसती है। इसके सिर पर छोटे-छोटे कांटे होते हैं जो इसे शिकार के शरीर में टिके रहने में मदद करते हैं।

मिथक: क्या यह यूरिन की ओर आकर्षित होती है?
बरसों से यह कहानी चली आ रही है कि कैंडिरु यूरिन में मौजूद अमोनिया की गंध पहचान लेती है और धार के विपरीत तैरते हुए शरीर में घुस जाती है। साल 2013 में हुए एक शोध ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। वैज्ञानिकों ने पाया कि कैंडिरु मछली यूरिन की गंध से आकर्षित नहीं होती। यह मछली असल में ऑक्सीजन और खून की तलाश में रहती है जो उसे बड़ी मछलियों के गलफड़ों में मिलता है। इंसान का शरीर इसके लिए कोई प्राकृतिक घर नहीं है।
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क्या कभी कोई ऐसा केस सामने आया है?
पिछले 200 सालों के इतिहास पर नज़र डालें तो इंसानों के शरीर में कैंडिरु घुसने के मामले न के बराबर हैं।
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19वीं सदी का किस्सा: एक पुराने मामले का जिक्र मिलता है जहां सर्जरी के जरिए व्यक्ति के शरीर से मछली निकाली गई थी लेकिन आधुनिक दौर के डॉक्टर इसे 'मेडिकल मिस्ट्री' या 'अतिशयोक्ति' (Exaggeration) मानते हैं।
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कोई ठोस सबूत नहीं: आज तक किसी भी प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था के पास इसका कोई पुख्ता वीडियो या लाइव प्रमाण नहीं है।

सावधानी फिर भी क्यों जरूरी है?
भले ही कैंडिरु वाला डर आधा सच हो लेकिन अमेजन की नदियों में पेशाब करना या बिना सावधानी के नहाना खतरनाक हो सकता है। इसके पीछे की असली वजह मछली नहीं बल्कि ये हैं:
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बैक्टीरिया और पैरासाइट्स: पानी में शिस्टोसोमियासिस जैसे खतरनाक परजीवी हो सकते हैं।
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संक्रमण का खतरा: गंदे पानी से शरीर के खुले घावों या अंगों में संक्रमण (Infection) हो सकता है।
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अन्य जीव: नदी में छोटे कीड़े या अन्य सूक्ष्म जीव अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।