सोने-चांदी की कीमतों पर RBI ने लिया ये बड़ा फैसला, अब प्याज-टमाटर के साथ...

Edited By Updated: 06 Feb, 2026 05:34 PM

the rbi has taken this major decision regarding gold and silver prices

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की शुक्रवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर आम लोगों और कारोबारियों पर पड़ेगा। सबसे बड़ा फैसला रेपो रेट को लेकर रहा। RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे लोन लेने...

नेशनल डेस्क : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की शुक्रवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर आम लोगों और कारोबारियों पर पड़ेगा। सबसे बड़ा फैसला रेपो रेट को लेकर रहा। RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे लोन लेने वालों को राहत मिली है। इसका मतलब साफ है कि फिलहाल आपकी EMI बढ़ने वाली नहीं है। इसके अलावा छोटे कारोबारियों के लिए भी अच्छी खबर आई है। RBI ने MSME सेक्टर के लिए लोन की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है, जिससे छोटे और मझोले उद्यमों को पूंजी जुटाने में आसानी होगी।

सोना-चांदी भी अब महंगाई की निगरानी में

इस बैठक में RBI ने सोने और चांदी को लेकर भी एक अहम कदम उठाया है। अब इनफ्लेशन मॉनिटरी फ्रेमवर्क यानी महंगाई निगरानी ढांचे में प्याज, टमाटर जैसी जरूरी वस्तुओं के साथ-साथ सोना और चांदी की कीमतों को भी शामिल किया गया है।

दरअसल, बीते कुछ समय से सोने-चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। इसी वजह से केंद्रीय बैंक ने इन्हें महंगाई के आकलन में शामिल करने का फैसला किया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इससे वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग से पड़ने वाले असर को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। हालांकि, इस फैसले का सोने-चांदी की कीमतों पर सीधा असर पड़ने की संभावना नहीं है।

महंगाई फिलहाल काबू में

RBI के मुताबिक, CPI के आधार पर मापी जाने वाली कोर महंगाई (जिसमें खाद्य और ईंधन शामिल नहीं होते) अभी नियंत्रण में है। दिसंबर के आंकड़े बताते हैं कि सोना-चांदी को छोड़कर महंगाई दर 2.6 फीसदी पर बनी हुई है, जो राहत देने वाला संकेत है।

हालांकि, केंद्रीय बैंक ने आगाह भी किया है कि भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताएं आने वाले महीनों में महंगाई को प्रभावित कर सकती हैं। 2025-26 के अंत तक आधार प्रभाव के चलते सालाना महंगाई दर में बढ़ोतरी का जोखिम भी बना रह सकता है।

सोने-चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव

पिछले एक साल में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। वैश्विक अनिश्चितता, डॉलर की कमजोरी, ब्याज दरों को लेकर आशंकाएं और भू-राजनीतिक तनाव इसके बड़े कारण माने जा रहे हैं।
शुक्रवार शाम करीब 5 बजे MCX पर सोना 1000 रुपये की तेजी के साथ 1.53 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी 3000 रुपये टूटकर 2,40,540 रुपये पर कारोबार करती दिखी।

कुल मिलाकर, RBI के ताजा फैसले जहां लोन लेने वालों और MSME सेक्टर के लिए राहत लेकर आए हैं, वहीं महंगाई और कीमती धातुओं पर बढ़ती नजर यह साफ संकेत देती है कि केंद्रीय बैंक आगे के जोखिमों को लेकर सतर्क है।

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