तेलंगाना में आवारा कुत्तों की सामूहिक मौत से सनसनी: मंचेरियल में 100 डॉग्स को जहर देने का आरोप

Edited By Updated: 14 Mar, 2026 11:15 PM

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तेलंगाना के मंचेरियल जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों की मौत ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है।

नेशनल डेस्क: तेलंगाना के मंचेरियल जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों की मौत ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। पुलिस के अनुसार यह घटना किश्तपुर गांव में 7 और 8 मार्च 2026 की रात हुई, जिसके बाद ग्रामीणों और पशु अधिकार संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि गांव में कई कुत्तों के मृत पाए जाने से स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई और मामले ने तेजी से तूल पकड़ लिया।

पशु अधिकार कार्यकर्ता की शिकायत के बाद मामला दर्ज

इस मामले को लेकर स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया से जुड़े पशु अधिकार कार्यकर्ता ए. गौतम ने जनाराम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि करीब 100 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मार दिया गया।

गौतम ने अपने आरोपों में कहा कि इस घटना में गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका हो सकती है। उनके अनुसार दो लोगों को यह काम सौंपा गया था, जिन्होंने कुत्तों को जहर दिया और बाद में उनके शवों को गांव के पास स्थित नदी किनारे दफना दिया।

पुलिस ने शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच के तहत सरपंच और पंचायत से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस घटना के पीछे कौन जिम्मेदार है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

तेलंगाना में यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई हो। पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में राज्य के अलग-अलग जिलों—जैसे जगतियाल, हनमकोंडा और कामारेड्डी—से भी आवारा कुत्तों की सामूहिक मौत की खबरें सामने आई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन घटनाओं में 1300 से अधिक कुत्तों की मौत दर्ज की गई थी। कई मामलों में ग्राम पंचायत के अधिकारियों और सरपंचों पर ऐसे कदम उठाने के आरोप लगाए गए थे।

मानवीय समाधान की मांग

पशु अधिकार संगठनों का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए क्रूर तरीकों की बजाय मानवीय उपाय अपनाए जाने चाहिए। उनका सुझाव है कि ABC (Animal Birth Control) कार्यक्रम, यानी नसबंदी और वैक्सीनेशन जैसे उपायों को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। संगठनों ने राज्य सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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