Edited By Radhika,Updated: 25 Apr, 2026 02:21 PM

देशभर में इस समय गर्मी अपनी चरम सीमा पर पहुंच गई है। आने वाले दिनों में भी मौसम काफी मुश्किल भरा होने वाले हैं। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की ताजा रिपोर्ट ने चिंता बढ़ाते हुए ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार 'अल नीनो' (El Niño) मई से जुलाई के...
Weather Alert: देशभर में इस समय गर्मी अपनी चरम सीमा पर पहुंच गई है। आने वाले दिनों में भी मौसम काफी मुश्किल भरा होने वाले हैं। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की ताजा रिपोर्ट ने चिंता बढ़ाते हुए ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार 'अल नीनो' (El Niño) मई से जुलाई के बीच ही सक्रिय हो सकता है। इस अलर्ट के चलते मौसम वैज्ञानिकों को अलर्ट पर रखा है।
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मानसून और खेती के लिए खतरे के संकेत
अल नीनो का सीधा संबंध भारत में कम बारिश से रहा है। इसके जल्दी विकसित होने से मानसून के पैटर्न में बड़ा बदलाव आ सकता है। IMD ने इस साल सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई है। ऐसे में अगर अल नीनो मजबूत होता है, तो वर्षा पर निर्भर खेती वाले क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात बन सकते हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जल भंडारण प्रभावित होगा।

हीटवेव का बढ़ेगा प्रकोप
मई, जून और जुलाई के दौरान वैश्विक तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहने की उम्मीद है। ऐसे में उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में लू (Heatwave) का खतरा बढेगा। इस बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की मांग और पानी की किल्लत बढ़ सकती है।
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अल नीनो का वैश्विक प्रभाव
अल नीनो से भारत ही नहीं दुनिया भर का मौसम प्रभावित होता है। वहीं एक तरफ भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया में सूखे की आशंका जताई जा रही है, वहीं दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में विनाशकारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।