Edited By Pardeep,Updated: 26 Jun, 2021 06:41 AM

किसान शनिवार को देशभर में ‘कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ दिवस मनाएंगे। अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत किसान देश के सभी राज्यों के राजभवन पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। साथ ही
नई दिल्लीः कृषि कानून रद्द कराने की मांग के लिए पिछले सात महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसान शनिवार को ‘कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ दिवस मनाएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन करने की बात कही है।
अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत किसान देश के सभी राज्यों के राजभवन पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। साथ ही राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपेंगे। कुंडली सीमा समेत अन्य धरनास्थलों से 32 किसान संगठन चंडीगढ़ राजभवन पहुंचेंगे और वहां हरियाणा-पंजाब के किसान अलग-अलग ज्ञापन देंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों बलबीर सिंह राजेवाल, दर्शनपाल, जगजीत सिंह दल्लेवाल, गुरनाम सिंह चढूनी, योगेंद्र यादव, युद्धवीर सिंह ने कहा कि यह दिन आपातकाल के 46 साल पूरे होने के तौर पर भी मनाया जा रहा है। क्योंकि तब नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगा था और इस समय भी ऐसा ही अंकुश लगाया जा रहा है।सात महीने बात भी सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही है। उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। शनिवार को चंडीगढ़ के साथ देशभर में किसान मार्च निकालते हुए राजभवन पहुंचेंगे। वहां प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
5000 से ज्यादा किसान शामिल होंगे मार्च में
रुलदा सिंह ने कहा कि अब तक बनाए कार्यक्रम के अनुसार 5000 किसान चंडीगढ़ बार्डर से राजभवन तक मार्च करेंगे। हालांकि अनुमान है कि किसानों की यह संख्या बढ़कर 7000 तक पहुंच सकती है। हमारी चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस से मांग है कि वह किसानों को राजभवन तक मार्च करने का मार्ग प्रदान करें।
मार्च के दौरान किसान पूरी तरह शांति बनाए रखेंगे और किसी तरह की तोड़फोड़ या उपद्रव की घटना नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राजभवन में भी केवल चुनिंदा किसान नेता ही जाएंगे। मार्च करने वाले सभी लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं देंगे। राजभवन तक मार्च की रूपरेखा का खुलासा करते हुए रुलदा सिंह ने बताया कि किसानों द्वारा यह मार्च पैदल ही किया जाएगा हालांकि बुजुर्ग किसान जो पैदल नहीं चल सकते, उनके लिए करीबी इलाकों से ट्रैक्टर-ट्रालियों की व्यवस्था की जाएगी।
तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे 32 किसान संगठनों ने शनिवार को चंडीगढ़ घेरने का एलान किया है। किसान संगठन राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। यूटी पुलिस ने सुरक्षा व कानून व्यवस्था को देखते हुए सभी थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया है। शहर की सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर कड़ा बंदोबस्त किया गया है। इसके साथ मुल्लांपुर बैरियर, जीरकपुर बैरियर, हाउसिंग बोर्ड चौक की सीमाओं समेत 13 रास्ते को बंद करने का फैसला लिया गया है।
यातायात पुलिस ने शुक्रवार को किसान संगठनों के चंडीगढ़ घेरने के एलान को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें शहर के 13 रास्तों को शनिवार सुबह 10 से शाम 6 बजे तक आम लोगों के लिए बंद कर दिया जाएगा।
यातायात पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि मुल्लांपुर बैरियर, जीरकपुर बैरियर, सेक्टर-5/8 मोड़, हीरा सिंह चौक, सेक्टर-7/8 मोड़, लेक मोड़, सेक्टर-7 आवासीय इलाका (पीआरबी के सामने), गोल्फ मोड़, गुरसागर साहिब मोड़, मौलीजागरां पुल, हाउसिंड बोर्ड पुल के पास, किशनगढ़ मोड़ और मटौर बैरियर को आम लोगों के लिए बंद किया गया है।
यातायात पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि शनिवार को इन रास्तों पर जाने से बचें। हालांकि, आपातकालीन स्थिति को देखते हुए इन रास्तों से लोगों को जाने की इजाजत दे सकती है। इसके अलावा शहर में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उच्च अधिकारियों ने शहर के सभी थानों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है।