Edited By Ramkesh,Updated: 06 Oct, 2026 01:34 PM

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि राज्य के 358 तालुकों में से 265 को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी टीम गठित की है। सोमवार शाम जारी विज्ञप्ति में भरणे...
मुंबई: महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि राज्य के 358 तालुकों में से 265 को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी टीम गठित की है। सोमवार शाम जारी विज्ञप्ति में भरणे ने कहा कि केंद्रीय टीम राज्य सरकार के साथ समन्वय कर सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी और स्थिति की गंभीरता का आकलन करेगी। इसके बाद टीम राहत एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक उपायों की सिफारिश करते हुए केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
बयान में कहा गया है कि राज्य का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा सूखे की चपेट में है और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। केंद्रीय टीम के दौरे से सूखा प्रभावित किसानों को केंद्र से सहायता मिलने की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। यह कदम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के तहत वित्तीय सहायता की मांग करते हुए केंद्र सरकार को एक अंतरिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद उठाया गया है।
भरणे ने कहा कि उन्होंने हाल में दिल्ली में आयोजित एक समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष भी सूखे की गंभीरता और किसानों की परेशानियों का मुद्दा उठाया था। केंद्रीय टीम का नेतृत्व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव मुक्तानंद अग्रवाल करेंगे जिसमें वित्त और कृषि मंत्रालयों तथा नीति आयोग सहित केंद्र सरकार के 10 विभागों एवं एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह टीम सूखे की स्थिति का आकलन करने के साथ ही केंद्र और राज्य के आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ/एनडीआरएफ) के तहत प्रभावित किसानों को राहत, तत्काल उपाय और पुनर्वास के संबंध में अपनी सिफारिशें देगी।
भरणे ने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर केंद्र के साथ लगातार संपर्क में रहेगी और किसानों को संकट से उबारने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। इस बीच, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सूखे से निपटने के लिए केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। दरअसल मानसून कमजोर रहने के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने 26 सितंबर को राज्य के कुल 358 तालुकों में से 265 तालुकों (करीब 74 प्रतिशत) को सूखाग्रस्त घोषित किया था।