Edited By Pardeep,Updated: 14 Aug, 2026 10:23 PM

भारत सरकार ने देश के टेलीविजन चैनलों को एक बड़ी राहत देते हुए एडवरटाइजमेंट (विज्ञापन) की अवधि पर लगी प्रति घंटे 12 मिनट की समय सीमा को हटाने का निर्णय लिया है। सरकार ने इस संबंध में शुक्रवार को आदेश भी जारी कर दिया है। यह नया नियम केबल टेलीविजन...
नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश के टेलीविजन चैनलों को एक बड़ी राहत देते हुए एडवरटाइजमेंट (विज्ञापन) की अवधि पर लगी प्रति घंटे 12 मिनट की समय सीमा को हटाने का निर्णय लिया है। सरकार ने इस संबंध में शुक्रवार को आदेश भी जारी कर दिया है। यह नया नियम केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994 में संशोधन की अधिसूचना के गजट में प्रकाशित होने के साथ ही प्रभावी हो जाएगा।
बदलते समय के साथ नियमों में बदलाव
सरकार ने विज्ञापन दिखाने की यह सीमा वर्ष 2006 में केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994 के तहत तय की थी। बीते वर्षों में टीवी ब्रॉडकास्टिंग के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। साल 2006 में जहां देश में सिर्फ 62 टीवी चैनल थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 900 हो चुकी है। उस समय एनालॉग केबल टीवी ही प्रसारण का मुख्य जरिया था, जिसकी क्षमता सीमित थी और ग्राहकों के पास विकल्प बेहद कम थे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का विस्तार और मुकाबला
आज केबल टीवी सेक्टर पूरी तरह से डिजिटल हो चुका है। डीटीएच (DTH), डिजिटल केबल टीवी, HITS और IPTV जैसे माध्यमों के जरिए दर्शकों को 300 से 500 या उससे भी अधिक चैनल देखने को मिल रहे हैं। बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण इस विज्ञापन सीमा की समीक्षा करना बेहद आवश्यक हो गया था।
'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर ध्यान
भारत में टीवी चैनल (चाहे वे पे चैनल हों या फ्री-टू-एयर) अपनी कमाई के लिए मुख्य रूप से विज्ञापनों पर ही निर्भर करते हैं। इसके अलावा, पारंपरिक टीवी और डिजिटल मीडिया के बीच विज्ञापन को लेकर समानता नहीं थी, क्योंकि डिजिटल प्लेटफार्मों पर विज्ञापन की कोई समय सीमा लागू नहीं है।
सूचना प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, बाजार में टीवी और डिजिटल माध्यमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इसी को ध्यान में रखते हुए कारोबार को आसान बनाने (Ease of Doing Business) और बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतिबंध हटा दिया गया है।